नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ-साथ पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का फैसला किया है। पूनावाला के इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा गया
शहजाद पूनावाला ने बताया कि उनका इस्तीफा पार्टी के लिए भी भावुक क्षण रहा। उनके मुताबिक, पार्टी ने उनके त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार नहीं किया और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। हालांकि, काफी विचार-विमर्श और गंभीर मंथन के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।
पूनावाला ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और कुछ व्यक्तियों से जुड़े मुद्दों के कारण उन्हें अपने पहले लिए गए निर्णय पर दृढ़ रहना पड़ा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं के प्रति उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या आहत भावना नहीं है।
पीएम मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार
इस्तीफे के दौरान पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले पांच वर्षों में उन्हें मंच और अपनी बात रखने के कई अवसर दिए, जिसके लिए वह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति कृतज्ञ हैं।
‘पार्टी छोड़ रहा हूं, विचार नहीं’
शहजाद पूनावाला ने अपने अगले कदम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के चलते वह निजी क्षेत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विचारों एवं कार्यों के प्रति समर्थन जारी रखने की बात कही।
पूनावाला ने अपने संदेश में कहा कि “मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं।” उनके इस बयान को उनके इस्तीफे के बाद भी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी राजनीतिक वैचारिक प्रतिबद्धता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में आए थे
शहजाद पूनावाला लंबे समय से टीवी डिबेट्स में भाजपा का पक्ष मजबूती से रखने वाले प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं। इससे पहले वह कांग्रेस से जुड़े रहे थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। अब भाजपा से उनके इस्तीफे के बाद उनके अगले राजनीतिक और पेशेवर कदम पर सबकी नजर बनी हुई है।

