नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी जगह दी गई है। पार्टी ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव समेत कई पदों पर नियुक्तियां की हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के
नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा अमित मालवीय को लेकर है। लंबे समय से बीजेपी की डिजिटल और सोशल मीडिया रणनीति का अहम चेहरा रहे मालवीय को अब राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पार्टी ने डिजिटल और सोशल मीडिया संगठन में भी बदलाव के संकेत दिए हैं।
कौन हैं दीपक म्हस्के?
दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ बीजेपी से जुड़े रहे हैं और संगठन के डिजिटल अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें पार्टी के सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी की नई व्यवस्था में वह केंद्रीय डिजिटल टीम का नेतृत्व करेंगे और सोशल मीडिया से जुड़े अभियानों को दिशा देंगे।
प्रोफेसर से राजनीति तक
दीपक म्हस्के का राजनीतिक सफर भी काफी अलग रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत केमिस्ट्री प्रोफेसर के रूप में की थी। इसके बाद खेती-बागवानी से जुड़े कामों के साथ वह संगठन और राजनीति में सक्रिय हुए। चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण और डिजिटल कैंपेन में उनकी भूमिका ने उन्हें पार्टी के भीतर अलग पहचान दिलाई। वह छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रवक्ता भी रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
नई टीम से बीजेपी का संदेश
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है। पार्टी ने संगठन में कई महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए नई टीम तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नए पदाधिकारियों को बधाई देते हुए टीम को अनुभव, ऊर्जा और जमीनी जुड़ाव का संयोजन बताया।
इस फेरबदल के साथ बीजेपी ने यह भी साफ कर दिया है कि डिजिटल और सोशल मीडिया संगठन उसकी राष्ट्रीय रणनीति का अहम हिस्सा बना रहेगा। अब इस मोर्चे की कमान दीपक म्हस्के के हाथों में होगी और आने वाले समय में उनके सामने पार्टी के डिजिटल नेटवर्क को और मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।

