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जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए खास तोहफा, लखनऊ से शुरू होगी ‘कृष्ण लीला’ यात्रा; जानिए पूरा टूर पैकेज

जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए खास तोहफा, लखनऊ से शुरू होगी ‘कृष्ण लीला’ यात्रा; जानिए पूरा टूर पैकेज

लखनऊ। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज की पावन लीलास्थलियों के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस जन्माष्टमी पर खास मौका है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने कृष्ण भक्तों के लिए एक विशेष धार्मिक यात्रा पैकेज तैयार किया है, जिसके जरिए श्रद्धालु एक ही यात्रा में वृंदावन, मथुरा, गोकुल और बरसाना समेत ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) की ओर से ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत तीन दिन और दो रात का ‘कृष्ण लीला’ टूर पैकेज शुरू किया गया है। इस यात्रा की शुरुआत राजधानी लखनऊ से होगी। श्रद्धालुओं को वातानुकूलित वाहनों के जरिए ब्रज के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक ले जाया जाएगा।

लखनऊ से सुबह 8 बजे रवाना होगी यात्रा
‘कृष्ण लीला’ पैकेज के तहत यात्रा लखनऊ से सुबह करीब 8 बजे शुरू होगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को ब्रज के प्रमुख कृष्ण मंदिरों और लीलास्थलों का सुविधाजनक तरीके से भ्रमण कराना है। यात्रा में ठहरने से लेकर स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण तक कई सुविधाओं को शामिल किया गया है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, यह पहल उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि इस तरह के पर्यटन पैकेज से कृष्ण-ब्रज सर्किट को और मजबूती मिलेगी और श्रद्धालुओं को ब्रज की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

ब्रज में लगातार बढ़ रहा श्रद्धालुओं का आकर्षण
ब्रज क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में मथुरा में 10.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। वहीं ब्रज रंगोत्सव-2025 में भी करीब 44 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही लगभग 1.90 करोड़ पर्यटकों के ब्रज पहुंचने का दावा किया गया है। ऐसे में पर्यटन विभाग का मानना है कि कृष्ण जन्मभूमि और ब्रज से जुड़े धार्मिक स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इस तरह के संगठित टूर पैकेज श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

कितनी है पैकेज की कीमत?
परिवारों और छोटे समूहों को ध्यान में रखते हुए ‘कृष्ण लीला’ पैकेज को दो तरह के वाहनों में उपलब्ध कराया गया है। यात्रियों के लिए वातानुकूलित सेडान और क्रिस्टा की सुविधा रखी गई है।

सेडान वाहन के लिए पैकेज की कीमत 10,400 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है, जबकि क्रिस्टा के लिए 10,150 रुपये प्रति व्यक्ति का शुल्क रखा गया है। दोनों पैकेज के लिए कम से कम दो यात्रियों की बुकिंग जरूरी होगी।

पैकेज में आवास, नाश्ता, जलपान, हाई-टी, प्रशिक्षित गाइड और स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, दोपहर और रात के भोजन का खर्च यात्रियों को स्वयं उठाना होगा।

पहले दिन वृंदावन के प्रमुख मंदिरों के दर्शन
यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं को वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें बांके बिहारी मंदिर, रंगजी मंदिर, निधिवन, वैष्णो देवी मंदिर और अक्षय पात्र मंदिर शामिल हैं। इसके बाद श्रद्धालु प्रसिद्ध प्रेम मंदिर के दर्शन करेंगे। वृंदावन की गलियों और मंदिरों के बीच कृष्ण भक्ति का अनुभव इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगा।

दूसरे दिन मथुरा और गोकुल की यात्रा
दूसरे दिन यात्रा का केंद्र मथुरा और उसके आसपास के धार्मिक स्थल होंगे। श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट, भूतेश्वर महादेव मंदिर, गीता मंदिर और पोतरा कुंड जैसे प्रमुख स्थलों पर ले जाया जाएगा।

इसके साथ ही यात्रा में गोवर्धन और गोकुल गांव को भी शामिल किया गया है। यानी दूसरे दिन श्रद्धालुओं को कृष्ण जन्मभूमि से लेकर उनकी बाल लीलाओं से जुड़े प्रमुख स्थानों को देखने का अवसर मिलेगा।

तीसरे दिन बरसाना में राधारानी के दर्शन
यात्रा के अंतिम दिन श्रद्धालु बरसाना पहुंचेंगे। यहां राधारानी मंदिर के दर्शन के साथ-साथ इस्कॉन मंदिर और श्री राधा दामोदर मंदिर में भी पूजा-अर्चना कराई जाएगी। इसके बाद तीन दिन और दो रात की यह धार्मिक यात्रा पूरी कर श्रद्धालु लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक यात्रा
‘कृष्ण लीला’ टूर पैकेज की खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों की यात्रा, वाहन, ठहरने और गाइड जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग से योजना बनाने की जरूरत नहीं होगी। एक निर्धारित पैकेज के तहत ब्रज के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को यात्रा में शामिल किया गया है।

जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रज में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मथुरा-वृंदावन, गोकुल और बरसाना को एक संगठित कृष्ण-ब्रज सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है।

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