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कावड़ियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना रशीदी के सिर कलम का ऐलान, 11 लाख इनाम

कावड़ियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना रशीदी के सिर कलम का ऐलान, 11 लाख इनाम

सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्रा को लेकर मौलाना साजिद रशीदी की कथित टिप्पणी के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांवड़ियों को लेकर दिए गए कथित बयान पर हिंदू संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी बीच मुरादनगर निवासी हिंदूवादी नेता आयुष त्यागी काकड़ा ने साजिद रशीदी के खिलाफ ऐसा ऐलान कर दिया है, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

आयुष त्यागी काकड़ा हिंदू संगठनों से जुड़े रहे हैं और हिंदूवादी मुद्दों पर अपनी सक्रियता के लिए स्थानीय स्तर पर जाने जाते हैं। उनके कई बयान पहले भी चर्चा में रहे हैं। इस बार उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी की कांवड़ यात्रा को लेकर कथित टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मौलाना का सिर कलम कर लाने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही है।

कांवड़ियों पर कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत मौलाना साजिद रशीदी की कांवड़ यात्रा को लेकर की गई कथित टिप्पणी से बताई जा रही है। आरोप है कि उन्होंने कांवड़ियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें नशेड़ी, लुटेरा तथा आतंकवादी जैसे शब्दों से संबोधित किया।

सावन के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और दूसरे गंगातटों से पवित्र जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर रवाना होते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे समय में कांवड़ियों को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर हिंदू संगठनों की ओर से विरोध शुरू हो गया।

आयुष त्यागी ने जताई कड़ी नाराजगी
मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आयुष त्यागी काकड़ा ने आरोप लगाया कि साजिद रशीदी लगातार हिंदू धर्म और सनातन से जुड़े मुद्दों को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कांवड़ियों के खिलाफ कथित टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि, प्रतिक्रिया देते हुए आयुष त्यागी ने खुद भी ऐसा बयान दिया, जिसमें हिंसा और इनाम की बात कही गई।

क्या कहा आयुष त्यागी ने?
त्यागी ने कहा कि साजिद हमेशा हिंदू और सनातन धर्म को टारगेट करता है। इस बार उसने सारी हदें पार कर दी हैं। पांच करोड़ कांवड़ियों को वो नशेड़ी, गंजेडी और आतंकवादी बता रहा है।

नंदकिशोर गुर्जर भी जता चुके हैं विरोध
इस मामले में इससे पहले लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी साजिद रशीदी के कथित बयान का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने लखनऊ कोतवाली में तहरीर देकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

बयानों से बढ़ा तनाव
कांवड़ यात्रा जैसे संवेदनशील धार्मिक आयोजन के दौरान सामने आए इन बयानों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। एक ओर कांवड़ियों को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हिंसक बयान देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठ सकती है।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। विवादित बयानों की जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई से ही स्थिति को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

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