लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में सोमवार को विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया।
समारोह की अध्यक्षता लोक आयुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्रा ने की। कार्यक्रम में लोक आयुक्त प्रशासन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर संगठन की पांच दशक लंबी यात्रा और उसकी प्रमुख उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया।
पांच दशक की यात्रा को प्रदर्शनी में दिखाया
स्थापना दिवस समारोह के दौरान लोक आयुक्त संगठन के 50 वर्षों के सफर पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें संगठन के गठन से लेकर वर्तमान समय तक की कार्यप्रणाली, शिकायतों की जांच और विभिन्न उपलब्धियों को क्रमवार तरीके से प्रस्तुत किया गया। लोक आयुक्त संगठन को भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने वाली महत्वपूर्ण संस्था के तौर पर देखा जाता है। प्रदर्शनी के जरिए लोगों को संगठन की भूमिका और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी भी दी गई।
जनविश्वास को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसमें आम लोगों का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस की सफलता भी जनता के भरोसे से जुड़ी होती है। सीएम योगी के मुताबिक सुशासन का मतलब केवल व्यवस्था बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर किसी संस्था के पास बिना झिझक पहुंच सके और उसे नियमों के तहत तय समय में परिणाम मिल सके।
समयबद्ध कार्रवाई के साथ गलत शिकायतों पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कसौटी है। इसके साथ ही उन्होंने अनावश्यक या गलत शिकायतें करने वालों पर भी कार्रवाई की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जहां वास्तविक शिकायतों पर तेजी से और निष्पक्ष कार्रवाई हो, वहीं व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करने वालों पर भी शिकंजा कसा जा सके। मुख्यमंत्री के इस संदेश को लोक आयुक्त संगठन की जवाबदेही और जनविश्वास से जोड़कर देखा गया।
पांच दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह समारोह लोक आयुक्त संगठन की अब तक की यात्रा, उसकी भूमिका और भविष्य में सुशासन को मजबूत करने की दिशा में उसकी जिम्मेदारियों को रेखांकित करने वाला रहा।

