लखनऊ। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से गुरुवार को MSME की सशक्त समिति (Empowered Committee on MSME) की 79वीं बैठक का आयोजन बुधवार को RBI बोर्ड रूम, लखनऊ में किया गया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD), सिडबी (SIDBI), MSME विभाग तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में DICCI यूपी चैप्टर के सदस्य देव मणि सरोज एवं नीतू ने प्रतिनिधित्व करते हुए SC/ST उद्यमियों की वित्तीय पहुंच और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
पहली तिमाही की उपलब्धियों की हुई समीक्षा :
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही की समीक्षा की गई। विभिन्न सरकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों और उनके मुकाबले हुई प्रगति का विभागवार आकलन किया गया। इसी दौरान DICCI प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं की सफलता का आकलन केवल स्वीकृत आवेदनों या कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच और उद्यमों पर पड़े प्रभाव से किया जाना चाहिए।
DICCI ने उठाया ‘हैंडहोल्डिंग’ का मुद्दा :
बैठक में मौजूद DICCI प्रतिनिधियों ने कहा कि SC/ST उद्यमियों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक व्यावहारिक सहयोग मिलना जरूरी है।
DICCI प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से मांग रखी कि:
* सरकारी योजनाओं की व्यापक और विभागवार जानकारी SC/ST उद्यमियों तक पहुंचाई जाए।
* आवेदन प्रक्रिया में उद्यमियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन और सहायता मिले।
* सरकारी विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
* पात्र SC/ST उद्यमियों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण, स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित हो।
* योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्राउंड-लेवल सपोर्ट और प्रभावी हैंडहोल्डिंग सिस्टम के जरिए वास्तविक उद्यमियों तक पहुंचे।
अधिकारियों ने सकारात्मक सहयोग का दिया भरोसा :
DICCI की ओर से उठाए गए मुद्दों को बैठक में संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं ने सकारात्मक रूप से लिया। अधिकारियों ने SC/ST उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया में सहायता करने तथा ऋण स्वीकृति और वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
DICCI प्रतिनिधियों ने इस बता पर जोर दिया कि SC/ST उद्यमियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें सशक्त उद्यमी और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में वित्तीय संस्थानों, सरकारी विभागों और उद्योग संगठनों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
79वीं सशक्त समिति की बैठक इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रही कि इसमें नीति, वित्तीय संस्थानों और जमीनी स्तर के उद्यमियों के बीच मौजूद अंतर को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। DICCI की सक्रिय भागीदारी SC/ST उद्यमियों के आर्थिक सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

