Gold Price Today: सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने करीब 7 प्रतिशत की छलांग लगाई है। यह पिछले करीब आठ महीनों में सोने की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त बताई जा रही है। लगातार मजबूत हो रही कीमतों के बीच निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या सोना एक बार फिर अपने रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ेगा या मौजूदा तेजी के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में ठहराव आएगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड करीब 2.3 प्रतिशत बढ़कर 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, गोल्ड फ्यूचर्स कारोबार के दौरान 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी पार कर गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में भी सोने में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली थी।
आठ महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक छलांग
इस सप्ताह की तेजी ने सोने के बाजार में निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत किया है। आंकड़ों के मुताबिक, सोने ने 19 जनवरी के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की है। वहीं, पिछले एक महीने में कीमती धातु करीब 10 प्रतिशत मजबूत हुई है। इससे पहले जनवरी के अंतिम दिनों में सोने ने 5,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास अपना रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था। मौजूदा तेजी के बाद अब बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सोना फिर से अपने पुराने शिखर की तरफ बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा ने बढ़ाई सोने की चमक
सोने की कीमतों में इस तेजी के पीछे अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतों की अहम भूमिका है। अमेरिका के लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में रोजगार के मोर्चे पर कमजोरी दिखाई दी और करीब 23,000 नौकरियों की कमी दर्ज की गई। वहीं, बाजार में पेरोल में लगभग 85,000 की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था।
उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित किया है। निवेशकों को अब यह संभावना नजर आ रही है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को आक्रामक तरीके से बढ़ाने से बच सकता है। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होने पर सोने को फायदा मिलता है। इसके साथ डॉलर पर दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी सोने की मांग को समर्थन दिया है।
भारत में भी लगातार चौथे दिन बढ़े सोने के भाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी का असर भारतीय सर्राफा बाजार में भी दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमत में 200 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले सोना 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 5 अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 165 रुपये की बढ़त के साथ 1,51,985 रुपये पर बंद हुआ।
रिटेल बाजार में भी तेजी का सिलसिला जारी है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब 1,52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना करीब 1,39,650 रुपये और 18 कैरेट सोना करीब 1,14,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।
आगे सोने की चाल कैसी रह सकती है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोने की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या नहीं। बाजार के कुछ बड़े निवेशक और रणनीतिकार सोने के दीर्घकालिक प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड और अरबपति निवेशक जॉन पॉलसन जैसे नामों ने सोने में लंबी अवधि की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर किया है। उनका मानना है कि हालिया गिरावट ने निवेशकों को सोने में दोबारा खरीदारी का अवसर दिया है।
सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीदारी भी बड़ा सहारा
सोने की कीमतों को केवल ब्याज दरों और डॉलर से ही समर्थन नहीं मिल रहा है। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा निजी निवेशकों की ओर से भी बुलियन में दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे माहौल में सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की मांग मजबूत रह सकती है।
फिलहाल सोने की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अगला रुख, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमत और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी आगे बाजार को प्रभावित करेंगे। अगर इन कारकों से सोने को लगातार समर्थन मिलता रहा, तो आने वाले समय में इसकी कीमतों में तेजी का दौर और लंबा खिंच सकता है।

