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राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनेंगे रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, 38 साल की सैन्य सेवा का अनुभव, वेस्टर्न एयर कमांड की संभाल चुके हैं कमान

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनेंगे रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, 38 साल की सैन्य सेवा का अनुभव, वेस्टर्न एयर कमांड की संभाल चुके हैं कमान

अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा तेज है। करीब चार दशक तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं देने वाले जितेंद्र मिश्रा का सैन्य और प्रशासनिक अनुभव इस नई जिम्मेदारी के लिहाज से खास माना जा रहा है।

जितेंद्र मिश्रा फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पास 3 हजार घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव बताया जाता है। वायुसेना में अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और बड़े स्तर पर संचालन तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अनुभव हासिल किया।

वेस्टर्न एयर कमांड की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण कमांड में शामिल वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख रह चुके हैं। यह जिम्मेदारी अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस स्तर पर अधिकारी को बड़े ऑपरेशनल नेटवर्क, संसाधनों और मानवबल के समन्वय के साथ रणनीतिक फैसले लेने होते हैं। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी मिलने पर उनका यह अनुभव मंदिर से जुड़े व्यापक प्रशासनिक कामकाज, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और बड़े स्तर की व्यवस्थाओं को संचालित करने में उपयोगी हो सकता है।

1986 में शुरू हुआ था वायुसेना का सफर
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने फाइटर पायलट के रूप में अपनी सैन्य यात्रा आगे बढ़ाई। बाद में उन्हें टेस्ट पायलट के तौर पर भी काम करने का अवसर मिला। लगभग 38 साल से अधिक लंबे करियर में उन्होंने वायुसेना की विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाया। हजारों घंटे की उड़ान का अनुभव उनके पेशेवर जीवन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उनके सैन्य करियर को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है, जिनमें AVSM और VSM जैसे सम्मान शामिल हैं।

NDA पुणे से ली सैन्य ट्रेनिंग
जितेंद्र मिश्रा ने पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से प्रशिक्षण हासिल किया। सैन्य प्रशिक्षण के साथ लंबे ऑपरेशनल अनुभव ने उनके नेतृत्व और रणनीतिक क्षमता को मजबूत किया। वायुसेना में अलग-अलग स्तरों पर काम करते हुए उन्होंने कमान, प्रशासन और योजना से जुड़ी जिम्मेदारियों को करीब से संभाला।

30 अप्रैल 2026 को हुए थे रिटायर
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के कुछ ही समय बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिका मिलने की चर्चा है। अयोध्या में राम मंदिर के विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच ट्रस्ट के सामने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। मंदिर परिसर से जुड़ी गतिविधियों, प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न परियोजनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच नई भूमिका अहम
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं का दायरा भी पहले की तुलना में काफी व्यापक हो चुका है। इसी वजह से CEO की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जितेंद्र मिश्रा का सैन्य जीवन उन्हें अनुशासन, नेतृत्व, रणनीतिक योजना, संकट प्रबंधन और बड़े संस्थागत ढांचे के संचालन का अनुभव देता है। यही अनुभव राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक जरूरतों में उपयोगी साबित हो सकता है।

फिलहाल जितेंद्र मिश्रा को CEO बनाए जाने की खबर को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। आधिकारिक नियुक्ति आदेश और जिम्मेदारियों को लेकर अंतिम जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

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