• info@thevaarta.com

Hartalika Teej: ज्योतिषाचार्या परमेश्वरी ने बताई हरतालिका तीज पर 7 बातें, जानें कब है व्रत, क्या करें और क्या न करें?

Hartalika Teej: ज्योतिषाचार्या परमेश्वरी ने बताई हरतालिका तीज पर 7 बातें, जानें कब है व्रत, क्या करें और क्या न करें?

Hartalika Teej: हरतालिका तीज का व्रत इस बार 14 सितंबर, सोमवार को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत बेहद कठिन माना जाता है और इसे पूरी श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ करने की परंपरा है।

व्रत के दौरान कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ कार्यों को वर्जित बताया गया है। मान्यता है कि पूजा-पाठ के साथ मन, वचन और व्यवहार में भी संयम रखना जरूरी है। आइए जानते हैं हरतालिका तीज के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।

हरतालिका तीज पर क्यों रखा जाता है व्रत?
धर्मगुरु और ज्योतिषाचार्या परमेश्वरी के अनुसार – हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी तपस्या और शिव-पार्वती के विवाह से जुड़ी मान्यताओं के कारण इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है।

सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। कई महिलाएं निर्जला व्रत भी करती हैं। हालांकि, स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

हरतालिका तीज पर भूलकर भी न करें ये 7 काम

1. काले, नीले और सफेद कपड़े पहनने से बचें – हरतालिका तीज को शुभ और मांगलिक पर्व माना जाता है। ऐसे में इस दिन लाल, पीले, हरे या अन्य शुभ रंगों के वस्त्र पहनने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में काले, नीले और सफेद रंग के कपड़ों को इस अवसर पर पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाएं अपनी श्रद्धा के अनुसार पारंपरिक परिधान धारण कर सकती हैं।

2. व्रत के दौरान नमक और मीठे से परहेज – हरतालिका तीज का व्रत कई स्थानों पर निर्जला और कठिन उपवास के रूप में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन नमक और मीठे के सेवन से बचने की बात कही गई है। कुछ लोक मान्यताओं में मीठा खाने को अगले जन्म से जुड़ी बातों से जोड़ा गया है। हालांकि, ऐसी मान्यताओं को धार्मिक परंपरा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

3. पति या परिवार से विवाद न करें – व्रत केवल खान-पान का संयम नहीं माना जाता, बल्कि मन और व्यवहार की शुद्धता को भी इसका हिस्सा माना जाता है। इसलिए हरतालिका तीज के दिन पति, परिवार या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनावश्यक विवाद और कटु वचन से बचने की सलाह दी जाती है। शांत मन से पूजा और भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है।

4. अनाज और फल का सेवन न करने की मान्यता – हरतालिका तीज के व्रत में कई महिलाएं अन्न का सेवन नहीं करती हैं। कुछ परंपराओं में फलाहार से भी परहेज करने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में व्रत के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ही व्रत का पालन करना उचित है।

5. निर्जला व्रत में पानी पीने से बचें – हरतालिका तीज का निर्जला व्रत सबसे कठिन उपवासों में गिना जाता है। इसमें पूरे दिन पानी तक ग्रहण न करने की परंपरा है और अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में जल ग्रहण करने से जुड़े कुछ लोकविश्वास भी प्रचलित हैं। लेकिन यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अधिक महत्वपूर्ण है।

6. दिन में सोने से बचें – हरतालिका तीज पर रात्रि जागरण और भगवान के भजन-कीर्तन की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है। मान्यता है कि व्रती को दिन में सोने के बजाय भगवान का ध्यान, मंत्र जाप या भजन करना चाहिए। रात में भी जागरण करके शिव-पार्वती की आराधना करने की परंपरा है।

7. व्रत खोलते समय तामसिक भोजन न करें – अगले दिन व्रत का पारण करते समय सात्विक भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। व्रत खोलते ही बहुत मसालेदार या तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता के साथ-साथ लंबे उपवास के बाद हल्का और संतुलित भोजन करना शरीर के लिए भी बेहतर माना जाता है।

हरतालिका तीज पर क्या करना शुभ माना जाता है?
ज्योतिषाचार्या परमेश्वरी के अनुसार हरतालिका तीज के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र धारण करने की परंपरा है। इसके बाद महिलाएं पूजा की तैयारी करती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। लाल, पीले या हरे जैसे शुभ रंगों के वस्त्र पहनना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।

इस दिन सोलह श्रृंगार करने की भी विशेष परंपरा है। महिलाएं मेहंदी लगाती हैं और पूजा के दौरान शिव-पार्वती को फल, फूल, धूप, दीप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करती हैं। पूजा के साथ भगवान का ध्यान और मंत्र जाप करने से मन को भी शांति मिलती है।

व्रत के दौरान रखें स्वास्थ्य का भी ध्यान
हरतालिका तीज का व्रत श्रद्धा और आस्था से जुड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को कठिन या निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। धार्मिक आस्था के साथ शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। इस तरह हरतालिका तीज पर पूजा, संयम, सात्विकता और श्रद्धा को विशेष महत्व दिया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में व्रत की परंपराएं कुछ अलग हो सकती हैं, इसलिए अपने घर की मान्यताओं और पूजा-पद्धति के अनुसार नियमों का पालन करना बेहतर रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply