रसोई के बजट पर महंगाई का एक और झटका लगा है। चीनी के बाद अब प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों के दौरान प्याज के दाम में तेज उछाल देखने को मिला है। कहीं कीमतें कुछ ही दिनों में लगभग दोगुनी हो गई हैं, तो कई बड़े शहरों में खुदरा भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
एक महीने में करीब 17% महंगा हुआ प्याज
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी केवल हाल के कुछ दिनों तक सीमित नहीं है। 21 जुलाई को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 34.87 रुपये प्रति किलो थी, जो 21 अगस्त तक बढ़कर लगभग 40.79 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानी करीब एक महीने में कीमत में लगभग 17% की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर देखें तो स्थिति और ज्यादा गंभीर नजर आती है। पिछले साल 21 अगस्त को औसत खुदरा भाव 28.72 रुपये प्रति किलो था, जबकि इस साल यह 40 रुपये के पार पहुंच चुका है।
बड़े शहरों में 50-60 रुपये तक पहुंचा भाव
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में प्याज करीब 50-55 रुपये किलो बिक रहा है। मुंबई में इसका खुदरा भाव 52-58 रुपये, जबकि कोलकाता में 55-60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। चेन्नई में प्याज 48-54 रुपये और बेंगलुरु में करीब 45-52 रुपये किलो के बीच मिल रहा है। पटना में भी उपभोक्ताओं को 48-55 रुपये प्रति किलो तक कीमत चुकानी पड़ रही है।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में तो तेजी और भी ज्यादा देखने को मिली है। यहां कुछ दिनों पहले 25-30 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब करीब 55-60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, महज दो दिनों के भीतर कीमत में बड़ा उछाल आया।
लासलगांव मंडी में भी तेजी
महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी, जिसे एशिया की प्रमुख प्याज मंडियों में गिना जाता है, वहां भी थोक भाव तेजी से बढ़े हैं। हालिया दिनों में प्याज का भाव करीब 3,195-3,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, यानी लगभग 32-36 रुपये प्रति किलो। वहीं दिल्ली की आजादपुर मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज के थोक भाव 45-50 रुपये प्रति किलो से ऊपर बताए जा रहे हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?
कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। खरीफ प्याज की बुआई में देरी के कारण नई फसल की आवक प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ मांग बढ़ने लगी है। कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के बीच बना अंतर सीधे बाजार कीमतों पर असर डाल रहा है।
सरकार से राहत की उम्मीद
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। सितंबर से इसकी आपूर्ति बढ़ाए जाने की योजना है। यदि नई फसल की आवक में सुधार होता है और बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज बाजार में पहुंचता है, तो आने वाले समय में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद की जा सकती है।

