लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली और काउंटरफिट दवाओं के कारोबार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने फर्जी बिलिंग, बिना वास्तविक दवा सप्लाई के क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
एफएसडीए के अनुसार, जांच में सामने आया कि अमीनाबाद और रायबरेली की कई मेडिकल फर्में बिना वास्तविक दवा की आपूर्ति किए केवल कागजी लेन-देन दिखाकर नकली दवाओं का कारोबार कर रही थीं। इस मामले में मिश्रा एसोसिएट्स, मिश्रा मेडिकल एजेंसी, श्री अशोक फार्मास्यूटिकल्स, भारत फार्मा तथा एमडीएच फार्मा के संचालकों के खिलाफ BNS की धाराओं 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 और 338 के तहत एफआईआर संख्या 0062/2026 दर्ज की गई है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांच के दौरान पता चला कि संबंधित फर्मों ने करोड़ों रुपये की दवाओं की खरीद-बिक्री कागजों पर दिखाई, लेकिन भौतिक सत्यापन में उनके यहां दवाओं का कोई स्टॉक नहीं मिला।
एफएसडीए की जांच में यह भी सामने आया कि ‘Augmentin Duo 625’ दवा की खरीद वास्तविक बाजार मूल्य ₹116.70 के बजाय ₹56.60 प्रति यूनिट दर्शाई गई। संबंधित कंपनी मेडी किंग फार्मा ने ऐसी किसी बिक्री से लिखित रूप में इनकार कर दिया, जिससे नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि और मजबूत हुई।
जुलाई में लगातार पांचवीं बड़ी कार्रवाई
एफएसडीए ने जुलाई महीने में नकली दवा नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसते हुए अब तक पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई हैं।
* 6 जुलाई: आलमबाग में करीब ₹1.60 लाख की नकली दवाएं बरामद, दो आरोपियों पर केस।
* 19 जुलाई: अमीनाबाद के अवैध गोदाम से करीब ₹21 लाख की नकली दवाएं जब्त, आठ आरोपियों पर एफआईआर।
* 16-17 जुलाई: बिना लाइसेंस नकली दवाओं के भंडारण और परिवहन के मामले में तीन लोगों पर कार्रवाई।
* 24 जुलाई: फर्जी बिलिंग कर नकली दवाएं बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों पर मुकदमा।
* 25 जुलाई: चार मेडिकल फर्मों और एक सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ संगठित गिरोह बनाकर नकली दवाएं खपाने का केस।
9 मेडिकल फर्मों पर भी बड़ी कार्रवाई
एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक अमीनाबाद स्थित 9 मेडिकल फर्मों के संचालन पर रोक लगाते हुए उन्हें सील कर दिया है। इन फर्मों के वित्तीय दस्तावेज, बिल और लेजर की गहन जांच की जा रही है।
राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क
विभाग की जांच में नकली दवाओं का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से बाहर भी फैला मिला। राजस्थान से जुड़े सप्लायरों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, उत्तराखंड के देहरादून में संचालित नकली दवा निर्माण इकाई पर छापा मारकर चार आरोपियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
प्रदेशभर में निगरानी के निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को नकली दवा नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखने, संदिग्ध थोक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

