Gold Price Today: घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार, 30 जुलाई को सोने की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत में 177 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका भाव बढ़कर लगभग 1लाख 42 हजार रुपये पर पहुंच गया। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली और एक किलो चांदी का दाम 789 रुपये घटकर करीब 2 लाख 17 हजार रह गया।
साल 2026 में सोने ने दिया मजबूत रिटर्न
इस वर्ष की शुरुआत से अब तक सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जबकि अब यह लगभग 1.42 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। यानी केवल सात महीनों में सोना करीब 9 हज़ार प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है।
हालांकि इस दौरान बाजार में कई बार उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। जनवरी के अंत में सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई छूते हुए लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर हासिल किया था। इसके बाद मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण कीमतों में गिरावट आई, लेकिन अब फिर से तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
चांदी हुई कमजोर, पर उम्मीद बरकरार
सोने की तुलना में इस साल चांदी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। वर्ष के अंत में जहां चांदी करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, वहीं वर्तमान में इसका भाव घटकर लगभग 2.17 लाख रुपये रह गया है। यानी अब तक इसमें करीब 13 हज़ार रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि इससे पहले जनवरी में चांदी ने भी करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद कीमतों में लगातार सुधार देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर साबित हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है बाजार का संकेत?
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी दोनों अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे धीरे-धीरे निवेश की रणनीति अपना सकते हैं। विशेषज्ञ एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश को अधिक सुरक्षित मानते हैं।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वर्ष 2026 के अंत तक सोने की कीमत फिर से 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। वहीं चांदी में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है और इसका भाव 2.80 लाख रुपये प्रति किलो तक जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ETF के जरिए भी कर सकते हैं निवेश
यदि आप बिना भौतिक सोना या चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF और सिल्वर ETF बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ये एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स बाजार में सोने और चांदी की कीमतों के आधार पर काम करते हैं और इनकी खरीद-बिक्री शेयर बाजार की तरह की जाती है।
ETF में निवेश करने के लिए निवेशक के पास डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी है। निवेश के बाद यूनिट आपके डीमैट खाते में जमा हो जाती हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें बाजार भाव पर आसानी से बेचा जा सकता है। खास बात यह है कि इसमें कम राशि से भी निवेश की शुरुआत संभव है, जिससे छोटे निवेशकों को भी कीमती धातुओं में निवेश का अवसर मिल जाता है।
सोने और चांदी की मौजूदा चाल यह संकेत देती है कि बाजार अभी भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की धारणा से प्रभावित है। ऐसे में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और विशेषज्ञ की सलाह को जरूर ध्यान में रखें।

