अमेरिका के अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट F-35 से जुड़े कुछ पुर्जों के गलती से हांगकांग पहुंचने का मामला सामने आया है। बुधवार को सामने आई इस जानकारी के बाद अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के बीच हलचल बढ़ गई है। मामले को लेकर पेंटागन और F-35 जॉइंट प्रोग्राम ऑफिस ने शिपमेंट में हुई गड़बड़ी को स्वीकार किया
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन पुर्जों को हांगकांग भेजने का उद्देश्य नहीं था। अब संबंधित अधिकारियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर इन सामानों को वापस लाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिपमेंट के दौरान गलती किस स्तर पर हुई।
शिपमेंट की प्रक्रिया की भी होगी समीक्षा
मामले में केवल पुर्जों को वापस लाने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि अमेरिकी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा भी कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सामान की पहचान, पैकेजिंग, दस्तावेजीकरण और डिलीवरी के दौरान किस तरह की चूक हुई।
F-35 कार्यक्रम में अमेरिका के साथ कई रक्षा कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय साझेदार जुड़े हुए हैं। ऐसे में इसके अलग-अलग हिस्सों की सप्लाई और आवाजाही एक जटिल प्रक्रिया के तहत होती है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद भविष्य में ऐसी गलती रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
F-35 कार्यक्रम के लिए क्यों अहम है मामला?
F-35 को अमेरिका के सबसे आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसकी तकनीक, डिजाइन और इससे जुड़े सिस्टम को अमेरिकी रक्षा कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यही वजह है कि विमान से जुड़े पुर्जों की आपूर्ति और उनके गंतव्य को लेकर सुरक्षा और नियंत्रण की प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण होती है।
हांगकांग में इन पुर्जों के पहुंचने की घटना ने इसी सप्लाई प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हांगकांग पहुंचने वाले पुर्जों की प्रकृति क्या थी और उनमें F-35 की संवेदनशील तकनीक से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी शामिल थी या नहीं।
अमेरिका कर रहा वापसी और जांच पर काम
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल प्राथमिकता इन पुर्जों को वापस हासिल करने की है। इसके लिए अमेरिकी प्रशासन और संबंधित इंडस्ट्री पार्टनर्स के बीच समन्वय किया जा रहा है। साथ ही घटना की जांच पूरी होने के बाद यह तय किया जाएगा कि ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए सप्लाई और शिपमेंट व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाने चाहिए।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब आधुनिक सैन्य उपकरणों की सप्लाई चेन और तकनीकी सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में विशेष सतर्कता बरती जाती है। इसलिए F-35 के पुर्जों के हांगकांग पहुंचने की घटना पर अमेरिकी अधिकारियों की जांच और उसके निष्कर्ष पर नजर बनी हुई है।

