नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से सेवा को केवल भाषण और उपदेश तक सीमित न रखने, बल्कि अपने काम और आचरण के जरिए उसका संदेश देने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि सेवा का संदेश लोगों को उपदेश देकर नहीं, बल्कि खुद सेवा करके देना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यक्ति को अपने काम के जरिए यह दिखाना चाहिए कि जिम्मेदारी या अधिकार मिलने के बाद भी उसका रास्ता सेवा का ही बना रहे।
मध्य प्रदेश में ‘मोदी फलिया’ बना चर्चा का केंद्र
इस यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के कालाखूंट गांव का ‘मोदी फलिया’ भी चर्चा में आया। पिटोल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित इस इलाके का नाम ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, ग्रामीणों ने ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर फलिया का नाम ‘मोदी फलिया’ रखने का निर्णय लिया था।
रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में कच्चे मकानों की जगह पक्के मकान बनने के बाद ग्रामीणों ने यह नाम रखने का फैसला किया। यात्रा के दौरान यहां पारंपरिक खाटला बैठक भी हुई, जिसमें ग्रामीणों और यात्रा में शामिल लोगों ने बैठकर स्थानीय मुद्दों और सरकारी योजनाओं के बारे में चर्चा की।
बैठक में ग्रामीणों ने योजनाओं से मिले लाभ के अपने अनुभव भी साझा किए। एक ग्रामीण महिला मीराबाई ने बताया कि पहले उनका मकान कच्चा था और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद वह पक्का मकान बनवा सकीं।
वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा
‘सेवा संकल्प यात्रा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अभियान का हिस्सा है। यह यात्रा गुजरात के वडनगर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रा के तहत अलग-अलग टोलियां रास्ते में गांवों और फलियों तक पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही हैं।
अमर उजाला की पीटीआई-आधारित रिपोर्ट के अनुसार, वडनगर-वाराणसी यात्रा में 20 टीमें शामिल हैं। यात्रा के दौरान सेवा गतिविधियों के साथ ग्रामीणों से संपर्क और स्थानीय स्तर पर योजनाओं की जानकारी लेने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सेवा के साथ पर्यावरण का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद के दौरान सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी बात की। उन्होंने पौधारोपण के दौरान पानी बचाने का एक सरल तरीका बताते हुए कहा कि पौधे के पास पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखा जा सकता है, जिसे समय-समय पर भरने से पौधे को पानी मिलता रहे।
उन्होंने युवाओं से देश को करीब से जानने, अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से मिलने और उनकी जरूरतों तथा आकांक्षाओं को समझने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस संवाद में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए सेवा भाव जरूरी है। उन्होंने युवाओं को 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया।

