मथुरा/आगरा। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद सरकारी विभागों में कमीशनखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील स्थित अडींग ग्राम पंचायत से सामने आया है। यहां विकास कार्यों का बकाया भुगतान जारी कराने के बदले कथित तौर पर मोटी रिश्वत मांगी गई। सतर्कता अधिष्ठान आगरा की टीम ने जाल बिछाकर ग्राम पंचायत सचिव को एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मामले के मुताबिक, अडींग ग्राम पंचायत में पिछले तीन वर्षों के दौरान करीब दो करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए गए थे। इनमें सीसी सड़क निर्माण, नालियां, इंटरलॉकिंग, पार्क और भवन निर्माण जैसे काम शामिल थे। इन परियोजनाओं को पूरा कराने वाले ठेकेदार परवेज अहमद का आरोप है कि संबंधित कार्यों के एवज में करीब 30 लाख रुपये का भुगतान अब भी लंबित था। इसी बकाया रकम को निकलवाने के लिए कथित रूप से कमीशन की मांग की जा रही थी।
30 लाख के भुगतान पर तय हुआ था 9 लाख का कमीशन
शिकायतकर्ता परवेज अहमद के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव मनीष भंडारी ने बकाया भुगतान कराने के बदले 30 प्रतिशत कमीशन मांगा था। इस हिसाब से कुल नौ लाख रुपये देने की बात तय हुई। आरोप है कि सौदे के तहत एक लाख रुपये पहले देने थे, जबकि बाकी आठ लाख रुपये बकाया भुगतान मिलने के बाद दिए जाने थे। ठेकेदार ने इस मांग के आगे झुकने के बजाय पूरे मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान आगरा से कर दी।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल, रिश्वत लेते दबोचा
शिकायत मिलने पर सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच की। आरोपों की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने ट्रैप की योजना तैयार की। शुक्रवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव मनीष भंडारी को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
गिरफ्तार सचिव के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान आगरा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सतर्कता अधिष्ठान ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 9454401864, 9454404853 या मुख्यालय के नंबर 9454401866 पर की जा सकती है।

