लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) में पिछले कुछ दिनों से जारी संगठनात्मक बदलावों के बीच बुधवार को एक और बड़ा फैसला सामने आया। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त कर दिया। यह वही जिम्मेदारी है, जो कुछ दिन पहले तक उनके बड़े भतीजे आकाश आनंद के पास थी।
इस फैसले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि 13 सितंबर को मायावती ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके दोनों भतीजों को पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा। उस समय उन्होंने परिवारवाद से दूरी बनाए रखने की बात कही थी। लेकिन अब महज 11 दिन बाद ईशान आनंद को पार्टी में अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
आकाश आनंद के बाद ईशान को मिली बड़ी जिम्मेदारी
BSP में राष्ट्रीय संयोजक का पद संगठन के महत्वपूर्ण पदों में माना जाता है। इससे पहले आकाश आनंद इस भूमिका में थे, लेकिन सितंबर की शुरुआत में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया गया। अब उसी पद पर उनके छोटे भाई ईशान आनंद की नियुक्ति हुई है।
ईशान को लेकर BSP में पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा थी। पार्टी की बुधवार को लखनऊ में हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगने के साथ ही इन चर्चाओं को विराम मिल गया। बैठक में ईशान ने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।
20 दिन के भीतर दूसरी बड़ी बैठक
BSP ने करीब 20 दिनों के भीतर दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी के संगठन में इस समय तेजी से बदलाव किए जा रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को जिम्मेदारी से हटाने के बाद पार्टी के भीतर कई स्तरों पर फेरबदल देखने को मिले हैं।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और अलग-अलग राज्यों से आए संगठन के नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस पार्टी की आगे की रणनीति और संगठन को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर रहा।
पहली पंक्ति में दिखी नई संगठनात्मक तस्वीर
बैठक के दौरान मंच और बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव नजर आया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ईशान आनंद को भी प्रमुख स्थान दिया गया। इससे उनकी नई भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ी जिम्मेदारी का संकेत मिला।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, उपाध्यक्ष आनंद कुमार समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। अलग-अलग राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी, जिलाध्यक्ष और मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
2027 से पहले संगठन पर फोकस
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BSP का यह फेरबदल अहम माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की आगे की चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं है, लेकिन लगातार हो रहे संगठनात्मक बदलाव बताते हैं कि मायावती पार्टी की कमान और जिम्मेदारियों का नए सिरे से पुनर्गठन कर रही हैं।
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद अब उनकी भूमिका पर भी नजर रहेगी। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह संगठन में मिली जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और आने वाले समय में BSP के संगठनात्मक कामकाज में उनकी सक्रियता कितनी बढ़ती है।

