केवड़िया, गुजरात। भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में शामिल 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन इस बार एक अलग अंदाज में हो रहा है। आज गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देशभर से चुने गए फिल्मी कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को सम्मानित करेंगी। सात दशक से अधिक पुराने इस पुरस्कार समारोह को पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है।
इस समारोह का सबसे खास आकर्षण दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दिया जाने वाला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार है। भारतीय सिनेमा में पांच दशक से ज्यादा लंबे योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। सरकार के मुताबिक अनंत नाग ने कन्नड़ समेत भारतीय सिनेमा की कई भाषाओं में उल्लेखनीय काम किया है।
यामी गौतम और कार्तिक आर्यन भी होंगे सम्मानित
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में अभिनय के क्षेत्र में भी कई बड़े नामों को सम्मान मिला है। ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन और ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया है। फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला है। वहीं तमिल फिल्म ‘अमरन’ के निर्देशक राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का सम्मान दिया गया है।
‘कल्कि 2898 AD’ को भी बड़ा सम्मान
इस बार की विजेता फिल्मों में ‘कल्कि 2898 AD’ भी प्रमुख स्थान पर है। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म प्रदान करने वाले पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘स्त्री 2’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘अमरन’ जैसी फिल्मों ने भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार हासिल किए हैं।
फिल्मों के अलावा तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों में भी कई कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इससे इस बार के पुरस्कारों में भारतीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की भागीदारी भी दिखाई देती है।
क्षेत्रीय सिनेमा की भी मजबूत मौजूदगी
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, मराठी, असमिया, बंगाली, उड़िया, मणिपुरी, कोंकणी, तुलु और गढ़वाली जैसी भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मान मिला है।
सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार ‘श्रीकांत’ को मिला है। वहीं अलग-अलग क्षेत्रीय श्रेणियों में कई फिल्मों ने अपनी जगह बनाई है। सरकार के मुताबिक इस संस्करण में पुरस्कारों के जरिए भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को भी सामने लाया गया है।
नॉन-फीचर और डॉक्यूमेंट्री में भी कई नाम
नॉन-फीचर श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला है। नॉन-फीचर निर्देशन की श्रेणी में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – एकता का प्रतीक’ के लिए आनंद एल. राय को सम्मानित किया गया है।
सिनेमा पर लेखन की श्रेणी में हिंदी के लिए संजय श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार मिला है। वहीं सर्वश्रेष्ठ पुस्तक ऑन सिनेमा का सम्मान कन्नड़ भाषा की पुस्तक को दिया गया है।
2024 की फिल्मों को मिल रहा है सम्मान
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में साल 2024 में भारतीय सिनेमा में किए गए उत्कृष्ट काम को सम्मानित किया जा रहा है। विजेताओं की आधिकारिक घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी। इस संस्करण में फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार घोषित किए गए।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी और सात दशकों से अधिक समय से ये भारतीय सिनेमा के रचनात्मक और तकनीकी योगदान को सम्मानित करते आ रहे हैं। इस बार केवड़िया में आयोजित होने वाला समारोह इस परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।
केवड़िया में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजित करने का फैसला इस समारोह की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार आगे भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाने की दिशा में पहल की गई है।

