कानपुर के बाद अब मेरठ नगर निगम के CM GRID प्रोजेक्ट को लेकर ठेके की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विवादित ठेकेदार सतपाल सिंह और उससे जुड़ी फर्म को करोड़ों रुपये का काम मिला। इससे पहले चार मुकदमों के बावजूद सतपाल को आजमगढ़ से ‘क्लीन’ चरित्र प्रमाण पत्र मिलने का मामला सामने आया था।
करोड़ों के टेंडर से शुरू हुआ विवाद
मेरठ नगर निगम में CM GRID योजना के तहत सड़क विकास के लिए दिए गए करोड़ों रुपये के ठेके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि Yash Builders ने अपने सहयोगी SS Infra Zone Pvt. Ltd. के साथ ज्वाइंट वेंचर में यह काम हासिल किया। इस प्रक्रिया में ठेकेदार सतपाल सिंह की भूमिका और उसकी फर्म की पात्रता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
चार मुकदमों के बावजूद मिला था ‘क्लीन’ सर्टिफिकेट
इस पूरे मामले की एक अहम कड़ी सतपाल सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, सतपाल सिंह के खिलाफ लखनऊ में तीन और बाराबंकी में एक मुकदमा दर्ज होने का दावा है। इसके बावजूद 19 मार्च 2026 को आजमगढ़ जिला प्रशासन की ओर से जारी चरित्र प्रमाण पत्र में उसके खिलाफ कोई अभियोग दर्ज नहीं होने की बात लिखी गई थी।
प्रमाण पत्र ठेकेदारी के उद्देश्य से जारी किया गया था। इसमें आजमगढ़ पुलिस की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए सतपाल सिंह के आचरण और कार्य को ठीक बताया गया। साथ ही PWD की रिपोर्ट के आधार पर उसे ब्लैकलिस्ट नहीं होने की जानकारी भी दर्ज की गई थी।
अब सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि दूसरे जिलों में दर्ज बताए जा रहे चार मुकदमों की जानकारी चरित्र सत्यापन के दौरान सामने क्यों नहीं आई। क्या पुलिस सत्यापन केवल स्थानीय रिकॉर्ड तक सीमित रहा या दूसरे जिलों से आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाने में कोई चूक हुई? इसी बिंदु को लेकर अब पूरे प्रमाण पत्र की वैधता और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद आजमगढ़ के जिलाधिकारी ने जांच एसपी को सौंप दी है। पुलिस स्तर पर चरित्र प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
33 करोड़ से ज्यादा के काम पर भी सवाल
विवाद चरित्र प्रमाण पत्र तक ही सीमित नहीं है। मेरठ नगर निगम के CM GRID प्रोजेक्ट में संबंधित फर्मों को मिले काम और उसकी गुणवत्ता को लेकर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा है कि दोनों फर्मों को मिलाकर 60 करोड़ रुपये से अधिक के काम मिले हैं। वहीं, सतपाल सिंह से जुड़ी फर्म को मिले एक वर्क ऑर्डर की रकम 33.26 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, जिसमें GST अतिरिक्त है। वर्क ऑर्डर 31 जुलाई 2026 को जारी हुआ था और काम 1 अगस्त से शुरू होना था।

