अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें और पोस्ट साझा कीं, जिनमें ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाने के संकेत नजर आए। खास बात यह रही कि एक ग्राफिक में ईरान के नक्शे पर ट्रंप का चेहरा दिखाया गया। तस्वीर में ‘बिफोर’ और ‘आफ्टर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसे ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान के नक्शे पर ट्रंप का चेहरा क्यों चर्चा में?
ट्रंप की इस पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा ध्यान खींचा है। तस्वीर के जरिए जिस तरह ईरान के मौजूदा नक्शे को ट्रंप की छवि से जोड़ा गया, उससे अमेरिकी राष्ट्रपति के इरादों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। ट्रंप पहले भी ईरान के खिलाफ कड़े बयान देते रहे हैं और हालिया दिनों में उनके संदेशों में सैन्य कार्रवाई की भाषा लगातार ज्यादा मुखर हुई है।
अमेरिका और इजरायल की ओर से इस साल 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में ट्रंप के ताजा पोस्ट को संभावित नए सैन्य अभियान की चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
होर्मुज पर भी ट्रंप का फोकस
ट्रंप ने ‘Hormuz Oil Volumes Are Back’ शीर्षक से एक ग्राफिक भी शेयर किया। इसमें ईरान और ओमान के बीच स्थित रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दिखाया गया। पोस्ट में तेल की आवाजाही से जुड़े आंकड़े पेश किए गए और दावा किया गया कि यहां से करीब 18 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का प्रवाह हो रहा है, जबकि टकराव से पहले यह आंकड़ा लगभग 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन था।
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इसलिए इस जलमार्ग को लेकर किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकता है। ट्रंप पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने जैसी बात कह चुके हैं।
‘बाय-बाय खार्ग’ पोस्ट ने बढ़ाई चिंता
ट्रंप की सबसे ज्यादा चर्चा वाली पोस्ट में ‘बाय-बाय खार्ग’ लिखा था। इसमें एक AI-जनरेटेड तस्वीर दिखाई गई, जिसमें एक लड़ाकू विमान आग और विस्फोटों से घिरे तेल संयंत्र की ओर बढ़ता नजर आया। यह पोस्ट ईरान के खार्ग द्वीप को लेकर थी, जो देश के प्रमुख कच्चे तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है। अगर खार्ग जैसे महत्वपूर्ण तेल ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो इसका सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था और उसके तेल निर्यात पर पड़ सकता है। यही वजह है कि ट्रंप की इस तस्वीर को महज सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय एक गंभीर सैन्य संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
‘ईरान एक विफल राष्ट्र’ का संदेश
ट्रंप ने अपने पोस्ट की श्रृंखला में एक और ग्राफिक साझा किया, जिसमें ईरान का नक्शा दिखाते हुए उसे ‘एक विफल राष्ट्र’ बताया गया। इन लगातार पोस्टों में तेल निर्यात, होर्मुज जलमार्ग और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को केंद्र में रखा गया। ट्रंप के ताजा संदेशों ने साफ कर दिया है कि ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ रहा है और इन धमकियों के बाद अमेरिका वास्तव में कोई नया सैन्य कदम उठाता है या नहीं ये समय बताएगा।

