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Rahul Gandhi के खिलाफ SC-ST एक्ट में FIR, हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ मामले ने पकड़ा तूल

Rahul Gandhi के खिलाफ SC-ST एक्ट में FIR, हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ मामले ने पकड़ा तूल

हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने इस घटना को जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़कर पेश किया, जबकि उनके अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य मैदान की सफाई और धार्मिक शुद्धिकरण था।

रैली के बाद मैदान में हुई सफाई, फिर शुरू हुआ विवाद
मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ा है, जहां 8 अगस्त को कांग्रेस की राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए थे। रैली समाप्त होने के बाद 11 अगस्त को स्थानीय लोगों और श्रीराम धर्मार्ध सेवा समिति से जुड़े सदस्यों ने मैदान का निरीक्षण किया। शिकायत के मुताबिक, मैदान में जगह-जगह गंदगी और शराब की खाली बोतलें मिलीं। इसके बाद समिति से जुड़े लोगों ने सफाई अभियान चलाया। सफाई के साथ ही स्थल की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से हवन और शुद्धिकरण की रस्म भी आयोजित की गई।

राहुल गांधी की टिप्पणी पर जताई आपत्ति
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बाद में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम को छुआछूत और दलित विरोधी कार्रवाई के तौर पर पेश किया। शिकायत में कहा गया है कि राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप सफाई और धार्मिक रस्म से जुड़ा था, जिसे गलत तरीके से जातिगत भेदभाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।

SC समुदाय से जुड़े लोगों के शामिल होने का दावा
अमित कुमार, जो अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, ने अपनी शिकायत में एक अहम बात कही है। उनका कहना है कि सफाई अभियान और शुद्धिकरण की प्रक्रिया में अनुसूचित जाति समुदाय के लोग भी व्यक्तिगत रूप से शामिल थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जाने बिना शुद्धिकरण को छुआछूत से जोड़ने वाली टिप्पणी से कार्यक्रम में शामिल SC समुदाय के लोगों की सामाजिक छवि प्रभावित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी से सामाजिक समूहों के बीच गलतफहमी, दुर्भावना और तनाव बढ़ सकता है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, ASP करेंगे जांच
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टीसी मंजूनाथ के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए। इसके बाद हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच एएसपी अमित सैनी के नेतृत्व में की जाएगी। जांच के दौरान राहुल गांधी के बयान, शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए साक्ष्य और शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी जांच के दायरे में पहुंच गया है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति क्या थी और राहुल गांधी की टिप्पणियों में लगाए गए आरोप कानूनी तौर पर किस हद तक लागू होते हैं।

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