लखनऊ में KGMU के पूर्व एमडी पैथोलॉजी छात्र डॉ. रमीजुद्दीन उर्फ रमीज से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पुलिस पूछताछ और पीड़िता के बयान में ऐसे आरोप सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था। वह इन पत्रों को अपना खून बताकर पेश करता था, ताकि सामने वाली लड़की उसके प्यार और भावनाओं पर भरोसा कर सके। इसके बाद शादी का वादा करके लंबे समय तक शोषण किए जाने का आरोप है।
मामले में केवल प्रेम संबंध और शादी का झांसा देने की बात ही नहीं है। पीड़िता ने आरोपी और उसके परिवार पर यौन शोषण, मारपीट, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और निजी तस्वीरों व वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, यह सिलसिला करीब 13 साल तक चला।
दिवाली की शुभकामनाओं से शुरू हुई बातचीत
पीड़िता के बयान के अनुसार, उसकी मुलाकात डॉ. रमीज से मेडिकल की पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत की शुरुआत वर्ष 2011 में दिवाली के दिन हुई, जब रमीज ने फोन कर उसे त्योहार की शुभकामनाएं दीं। धीरे-धीरे फोन और मैसेज के जरिए बातचीत बढ़ने लगी और दोनों के बीच नजदीकियां बन गईं।
पीड़िता का आरोप है कि दिसंबर 2012 में रमीज ने उसे आगरा के साबुन कटरा स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया। वहां उसे नशीला पेय पिलाया गया और उसके साथ जबरदस्ती की गई। घटना के बाद आरोपी ने मैसेज के जरिए माफी मांगी और शादी करने का भरोसा दिलाया। पीड़िता के मुताबिक, इसी भरोसे के चलते वह लंबे समय तक इस रिश्ते में बनी रही।
निजी वीडियो बनाकर शादी तुड़वाने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि रमीज ने अलग-अलग मौकों पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए। वर्ष 2014 में दिल्ली के एम्स कॉलेज फेस्टिवल के दौरान भी नशीला पदार्थ देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2025 तक आरोपी शादी का भरोसा देता रहा, लेकिन विवाह की बात आने पर पीछे हटता रहा।
पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2016 में गर्भवती होने के बाद रमीज ने शादी से इनकार कर दिया और उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। इसके अलावा आरोप है कि उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित मंगेतरों तक पहुंचाए गए। इसकी वजह से उसके पांच से सात शादी के रिश्ते टूट गए। पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी में भी आरोपी के मोबाइल में युवतियों के निजी वीडियो रखे होने और शादी तय होने पर उन्हें संबंधित युवकों तक भेजने के आरोप सामने आए हैं।
लखनऊ में साथ रहने के बाद बढ़ी प्रताड़ना
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2023 में रमीज के कहने पर वह लखनऊ आ गई। अक्टूबर में आरोपी के माता-पिता की सलाह पर दोनों एक फ्लैट में साथ रहने लगे। आरोप है कि यहां रहने के दौरान उसके साथ मारपीट और जबरदस्ती की घटनाएं हुईं। उससे घरेलू कामकाज भी कराया जाता था। पीड़िता का कहना है कि उसे खाना बनाने, सफाई करने और यहां तक कि टॉयलेट साफ करने के लिए मजबूर किया जाता था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। जून-जुलाई 2025 के आसपास आरोपी ने उसका सिर दीवार से लड़ा दिया था, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता के बयान में सामने आई इन घटनाओं ने मामले में घरेलू प्रताड़ना के पहलू को भी गंभीर बना दिया है।
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप
इस मामले में धर्म परिवर्तन और निकाह का दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2024 में होली से पहले रमीज के माता-पिता ने उससे धर्म बदलने की बात कही थी। जनवरी 2025 में भी निकाह करने और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता के मुताबिक, फरवरी में एक कमरे में काजी को बुलाया गया और उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया गया। उसका आरोप है कि निकाहनामा पहले से तैयार था, जिस पर उससे और उसके पिता से हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद बुर्का पहनने, मुस्लिम पहचान अपनाने और खानपान में बदलाव करने के लिए भी दबाव बनाया गया। निजी वीडियो परिवार को दिखाकर बदनामी का डर पैदा करने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।
पुलिस जांच में मोबाइल वीडियो की भूमिका अहम
पूरे मामले में आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर सुरक्षित निजी वीडियो और तस्वीरें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पीड़िता का आरोप है कि इनका इस्तेमाल उसे मानसिक दबाव में रखने और उसकी शादी के रास्ते में बाधा डालने के लिए किया गया। मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखने की बात भी इस मामले का एक हैरान करने वाला पहलू बनकर सामने आई है।

