अयोध्या में दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बीच श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राम की पैड़ी से लेकर कनक भवन तक चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 12 प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस तैनात रहेंगी, जबकि 12 निजी अस्पतालों में 60 बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को भव्य और यादगार बनाने के लिए जहां एक ओर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, वहीं दूसरी तरफ लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। आयोजन के दौरान भीड़भाड़, अचानक तबीयत बिगड़ने या किसी अन्य चिकित्सकीय आपात स्थिति में लोगों को तत्काल मदद मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लिए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि दीपोत्सव में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ निजी अस्पतालों को भी व्यवस्था से जोड़ा गया है। एंबुलेंस, मोबाइल मेडिकल टीम और अस्पतालों में आरक्षित बेड के जरिए एक ऐसा चिकित्सा नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज को बिना देरी के उपचार मिल सके।
12 प्रमुख स्थानों पर हर समय उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस की सुविधा
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के प्रमुख धार्मिक और आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 12 स्थान चिह्नित किए हैं। इनमें लक्ष्मण किला, भजन संध्या स्थल, चौधरी चरण सिंह घाट, नागेश्वरनाथ मंदिर, वीणा चौराहा यानी लता मंगेशकर चौक, कारसेवकपुरम, हनुमानगढ़ी, हनुमानगुफा और साकेत पेट्रोल पंप शामिल हैं।
इसके अलावा श्रीराम जन्मभूमि परिसर के परिकोटा क्षेत्र, कनक भवन मंदिर परिसर और मेला कंट्रोल रूम पर भी एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इन सभी स्थानों पर एंबुलेंस की मौजूदगी का उद्देश्य किसी भी जरूरतमंद श्रद्धालु को प्राथमिक सहायता देने के साथ ही गंभीर स्थिति में उसे नजदीकी अस्पताल तक जल्द पहुंचाना है। इससे आयोजन स्थलों पर चिकित्सा सहायता मिलने में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।
12 निजी अस्पतालों में भी सुरक्षित रखे गए 60 बेड
दीपोत्सव के दौरान मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निजी अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अयोध्या के 12 निजी अस्पतालों में पांच-पांच बेड आरक्षित रखे जाएंगे। इस तरह कुल 60 बेड आपातकालीन चिकित्सा जरूरतों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
इस सूची में अग्रिम हॉस्पिटल, हर्षण हृदय संस्थान, झुनझुनवाला हॉस्पिटल, देवा मेमोरियल मेडिकल सर्जिकल मैटरनिटी नर्सिंग होम, निर्मला हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर और दिव्य हॉस्पिटल शामिल हैं। इनके अलावा सोना हॉस्पिटल, जगत हॉस्पिटल, मेडिसिटी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिरंजीव हॉस्पिटल, गोमती हॉस्पिटल तथा संजाफी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
सभी संबंधित अस्पतालों को आकस्मिक परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर दबाव बढ़ने की स्थिति में ये निजी अस्पताल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राम की पैड़ी समेत प्रमुख स्थलों पर रहेंगी मोबाइल मेडिकल टीमें
सिर्फ एंबुलेंस और अस्पतालों तक ही स्वास्थ्य व्यवस्था सीमित नहीं रखी गई है। मेला क्षेत्र में मोबाइल चिकित्सा टीमों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर ये टीमें मौजूद रहकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएंगी।
इन मेडिकल टीमों की ड्यूटी अलग-अलग समय के हिसाब से निर्धारित की गई है, ताकि दिन और रात दोनों समय जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता मिल सके। किसी श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ने, चोट लगने या प्राथमिक उपचार की आवश्यकता होने पर मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर मदद करेगी। यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर इन नंबरों पर मिलेगी मदद
दीपोत्सव के दौरान किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर मेला स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8881004894 पर संपर्क करना होगा। इसके अलावा मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला के मोबाइल नंबर 9451085935 पर भी सहायता मांगी जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा अधिकारियों, अस्पतालों और आयोजन से जुड़े कर्मचारियों को आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे सूचना मिलते ही संबंधित टीम सक्रिय हो सके और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा तथा सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस की तैनाती, मोबाइल मेडिकल टीमों की उपलब्धता और निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने जैसे इंतजाम इसी तैयारी का हिस्सा हैं।

