इटावा के भरथना क्षेत्र में मां-बेटी की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी मुकेश यादव से जुड़ा पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में पुलिसकर्मी घायल आरोपी के पैर पर लगी चोट से खून रोकते और उसकी मरहम-पट्टी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए मुकेश को उपचार उपलब्ध कराने की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब पूरा मामला पहले से ही गंभीर पारिवारिक विवाद और दोहरे हत्याकांड को लेकर सुर्खियों में है।
घायल आरोपी के पैर पर पुलिस ने की मरहम-पट्टी
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी मुकेश यादव के पैर में लगी चोट पर पट्टी बांध रहे हैं। आरोपी के पैर से खून निकल रहा है और पुलिसकर्मी प्राथमिक उपचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुकेश के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटना पुलिस की गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी को पकड़ने के बाद उसके घायल पैर का उपचार कराया गया।
चार घंटे में पुलिस ने आरोपी तक बनाई पहुंच
यह मामला इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के चंदेठी गांव का है, जहां मां पुष्पा और उनकी बेटी मंजू के शव मिलने से हड़कंप मच गया था। दोनों की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की टीमें गठित की गईं।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक लाल रंग की स्कूटी संदिग्ध रूप से घर के आसपास आती-जाती दिखाई दी। स्कूटी के नंबर की जांच की गई तो वह मुकेश यादव के नाम पर पंजीकृत मिली।
इसके बाद पुलिस ने मुकेश की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम करीब पांच बजे जारपुरा-साम्हों मार्ग के पास मुकेश को घेरने की कोशिश की गई। इस दौरान मुठभेड़ हुई और उसके पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने घटना के करीब चार घंटे के भीतर एक आरोपी को पकड़ने का दावा किया।
पूछताछ में सामने आई हत्या की कथित वजह
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मुकेश ने हत्या की साजिश से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। जांच में सामने आया कि मृतका मंजू और उसके पति सतेन्द्र उर्फ करिया के बीच वर्ष 2023 से वैवाहिक विवाद चल रहा था। दोनों के बीच तलाक और गुजारा भत्ता से संबंधित मामला अदालत में विचाराधीन था।
पुलिस का दावा है कि 3 अगस्त को अदालत ने सतेन्द्र को मंजू को हर महीने 7 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। इसके अलावा मुकदमे की अवधि में हुए खर्च के एवज में तीन लाख रुपये देने का आदेश भी सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, इस फैसले से नाराज होकर सतेन्द्र ने पत्नी और उसकी मां की हत्या की योजना बनाई।
हत्या के लिए कथित तौर पर दी गई सुपारी
पुलिस की जांच के मुताबिक, सतेन्द्र ने इस साजिश में अपने मौसेरे साले मुकेश यादव को शामिल किया। आरोप है कि हत्या के बदले ढाई लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त को मुकेश और सतेन्द्र चंदेठी गांव के बाहर मिले और इसके बाद योजना को अंजाम दिया गया।
आरोप है कि मुकेश पहले मंजू और उसकी मां पुष्पा के घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई। उनके बेहोश होने के बाद सतेन्द्र को घर में बुलाया गया। इसके बाद दोनों महिलाओं के हाथ-पैर बांधे गए और धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी गई।
लाल स्कूटी से खुला हत्या का राज
घटना के बाद पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज ने जांच की दिशा बदल दी। लाल स्कूटी की पहचान और उसके मालिक तक पहुंचने के बाद पुलिस मुकेश यादव तक पहुंची। पुलिस ने उसके कब्जे से कथित तौर पर 2 लाख 31 हजार रुपये, एक तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल लाल स्कूटी बरामद करने की बात कही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुकेश पहले सेना में कार्यरत था और वर्ष 2010 में बरेली में चोरी के एक मामले के बाद उसे बर्खास्त किया गया था।
मुख्य आरोपी सतेन्द्र की तलाश जारी
इस मामले में सतेन्द्र उर्फ करिया अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मृतका मंजू के भाई अर्पित की शिकायत पर सतेन्द्र, मुकेश यादव, उसके बहनोई विजय सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या तथा दहेज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में आए मुकेश के घायल पैर की मरहम-पट्टी वाला वीडियो इस पूरे मामले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वहीं, पुलिस जांच अब फरार सतेन्द्र की गिरफ्तारी और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से जुड़े बाकी पहलुओं की तस्वीर और साफ हो सकती है।

