• info@thevaarta.com

मौसम बदलते ही सताने लगी खांसी-जुकाम की समस्या? घर पर अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय

मौसम बदलते ही सताने लगी खांसी-जुकाम की समस्या? घर पर अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय

खांसी, जुकाम, गले में खराश और बंद नाक से परेशान हैं तो रसोई में मौजूद कुछ चीजें राहत देने में मदद कर सकती हैं। जानिए शहद, अदरक और तुलसी से जुड़े आसान घरेलू उपाय।
मौसम में बदलाव के साथ खांसी-जुकाम की समस्या भी बढ़ने लगती है। गले में खराश, बार-बार छींक आना, नाक बंद होना और शरीर में थकान महसूस होना इसके आम लक्षण हैं। ऐसे में लोग अक्सर दादी-नानी के बताए घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। शहद, अदरक और तुलसी जैसी चीजें गले को आराम देने और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, इन उपायों से हर व्यक्ति को समान राहत मिले, यह जरूरी नहीं है।

1. शहद और अदरक से मिल सकती है खांसी में राहत
अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। वहीं, शहद गले को आराम देने और खांसी की परेशानी कम करने में मदद कर सकता है।

कैसे करें सेवन: एक चम्मच शहद में थोड़ी मात्रा में अदरक का रस मिलाकर सेवन कर सकते हैं। यदि इससे परेशानी बढ़े या एलर्जी हो तो इसका इस्तेमाल न करें। एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल नहीं देना चाहिए।

2. तुलसी और काली मिर्च की चाय
सर्दी-जुकाम के दौरान गर्म पेय पदार्थ गले को आराम पहुंचा सकते हैं। तुलसी और काली मिर्च से तैयार चाय भी एक घरेलू विकल्प है। हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि इससे बंद नाक या संक्रमण पूरी तरह ठीक हो जाता है।

कैसे बनाएं: एक कप पानी में 5-6 तुलसी की पत्तियां और 2-3 काली मिर्च डालकर कुछ मिनट तक उबालें। इसके बाद छानकर हल्का गुनगुना होने पर पिएं। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में गुड़ मिला सकते हैं। काली मिर्च का अधिक इस्तेमाल करने से बचें, खासकर अगर आपको एसिडिटी की समस्या रहती है।

3. गर्म पानी और पर्याप्त तरल पदार्थ लें
खांसी-जुकाम के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। गुनगुना पानी, सूप और अन्य तरल पदार्थ गले की सूखापन और असहजता को कम करने में मदद कर सकते हैं। पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है।

4. नाक बंद होने पर अपनाएं ये तरीका
नाक बंद होने की स्थिति में सलाइन नेजल स्प्रे या ड्रॉप्स मददगार हो सकते हैं। गर्म पानी की भाप लेते समय सावधानी बरतें, क्योंकि बहुत गर्म पानी से जलने का खतरा रहता है। बच्चों को गर्म पानी के बर्तन से भाप न दिलाएं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
घरेलू उपाय हल्के लक्षणों में राहत देने के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यदि सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, तेज या लगातार बुखार रहे अथवा लक्षण बिगड़ते जाएं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। खांसी-जुकाम लंबे समय तक बना रहने पर भी चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
मौसम बदलने पर होने वाली हर खांसी-जुकाम की वजह एक जैसी नहीं होती। एलर्जी और वायरल संक्रमण समेत कई कारण इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय जरूरत पड़ने पर सही उपचार लेना बेहतर है।

Related Articles

Leave a Reply