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पैरा एशियन गेम्स में भारत का जलवा, कुल मेडल्स की संख्या 58; प्रवीण, आयुष समेत खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड

पैरा एशियन गेम्स में भारत का जलवा, कुल मेडल्स की संख्या 58; प्रवीण, आयुष समेत खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड

पैरा एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत ने पदकों की झड़ी लगाते हुए अपना कुल मेडल आंकड़ा 58 तक पहुंचा दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, शॉटपुट, हाई जंप, पावरलिफ्टिंग और तीरंदाजी सहित कई स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। दिन के मुकाबलों में भारत को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल मिले। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम मेडल टैली में चौथे स्थान पर बनी हुई है।

भारत के खाते में 58 मेडल, गोल्ड की संख्या 14 हुई
पैरा एशियन गेम्स में भारत लगातार अपनी चुनौती मजबूत कर रहा है। तीसरे दिन के मुकाबलों के बाद भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या 58 हो गई, जिनमें 14 गोल्ड, 21 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा और मेहनत का प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया।

प्रवीण कुमार ने रिकॉर्ड तोड़कर जीता गोल्ड
पुरुषों की हाई जंप टी64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने शानदार छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार की और 2.02 मीटर के पिछले गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से भारत को इस इवेंट में दो पदक मिले।

सचिन खिलारी ने बरकरार रखा अपना खिताब
पुरुषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में सचिन खिलारी ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर गोल्ड मेडल जीतकर खिताब बरकरार रखा। इस स्पर्धा में मोहम्मद यासेर ने सिल्वर और प्रवीण ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक अपने नाम कर इस इवेंट में देश का दबदबा कायम किया।

आयुष वर्मा और दिलीप गावित भी चमके
पुरुषों की शॉटपुट एफ53 स्पर्धा में आयुष वर्मा ने 8.16 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। ईरान के अलीरेजा हेमामी 8.09 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कलीयेव ने 6.81 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। आयुष का यह प्रतियोगिता में दूसरा पदक है। इससे पहले वह ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुके हैं।

दूसरी ओर, पुरुषों की 100 मीटर टी45 रेस में दिलीप गावित ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि मोहम्मद बासिल ने सिल्वर हासिल किया। महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में सिमरन शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और गोल्ड जोड़ा।

तीरंदाजी और अन्य स्पर्धाओं में भी भारत को पदक
तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला पैरा कंपाउंड डबल्स में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के खिलाड़ियों के खिलाफ 141-150 से हार का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 रेस में सिल्वर मेडल जीता। कस्तूरी राजमणि ने महिला पावरलिफ्टिंग के 67 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। मनजीत ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ12/एफ13 स्पर्धा में सिल्वर, जबकि भाग्यश्री जाधव ने महिला शॉटपुट एफ34 में रजत पदक जीता।

ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी
पुरुषों की 100 मीटर टी64 रेस में प्रणव देसाई ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी35 और राकेश भट्ट ने टी37 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। रवि रोंगाली ने पुरुषों की शॉटपुट एफ40 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

बैडमिंटन के महिला डबल्स डब्ल्यूएच1-डब्ल्यूएच2 वर्ग में अल्फिया जेम्स और पल्लवी के. की जोड़ी ने कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में चीन की टीम से हार मिली, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पोडियम पर जगह बनाई।

मेडल टैली में चौथे स्थान पर भारत
लगातार पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ी प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। गोल्ड मेडल के साथ सिल्वर और ब्रॉन्ज की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अब भारतीय दल की नजरें आगामी मुकाबलों में और पदक जीतने पर होंगी, ताकि मेडल टैली में देश की स्थिति और बेहतर हो सके।

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