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दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों पर 400 करोड़ की टैक्स देनदारी की तैयारी, आयकर विभाग ने बनाई स्पेशल रिपोर्ट; टैक्स चोरी के मिले थे सबूत

दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों पर 400 करोड़ की टैक्स देनदारी की तैयारी, आयकर विभाग ने बनाई स्पेशल रिपोर्ट; टैक्स चोरी के मिले थे सबूत

लखनऊ। दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों को लेकर आयकर विभाग की जांच अब अगले चरण में पहुंचती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग उनकी कंपनियों से करीब 400 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की तैयारी कर रहा है। फरवरी में हुई आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान कथित टैक्स चोरी और अवैध खनन से जुड़े कई अहम दस्तावेज सामने आए थे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर इन्वेस्टिगेशन विंग ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है।

छापेमारी के बाद तैयार हुई जांच रिपोर्ट
आयकर विभाग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजे जाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, जांच में उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों के कारोबार और उनकी आय के बीच कई ऐसे पहलुओं की पड़ताल की गई है, जिनका असर टैक्स देनदारी पर पड़ सकता है।

जांच के दौरान कथित तौर पर खनन गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए। विभाग ने मिर्जापुर और सोनभद्र में अवैध खनन की गतिविधियों की जांच के लिए ड्रोन और सैटेलाइट इमेजिंग जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल किया था।

कई जिलों में 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापे
फरवरी में आयकर विभाग ने लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज और कौशांबी में उमाशंकर सिंह से जुड़े 30 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की थी। छापेमारी के दौरान संपत्तियों और खनन गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों के अलावा करीब 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई थी।

जांच का दायरा उमाशंकर सिंह से जुड़ी छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज जैसी कंपनियों तक बताया गया है, जो सड़क निर्माण और खनन से जुड़े कारोबार में सक्रिय थीं।

सोनभद्र में 60 करोड़ के राजस्व नुकसान का मामला
इस पूरे मामले में सोनभद्र का अवैध खनन भी अहम कड़ी बताया जा रहा है। सीएजी की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन के कारण सरकार को करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख किया गया था। इसके बाद आयकर विभाग की कार्रवाई और जांच को और विस्तार मिला। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की रिपोर्ट में खनन विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, अंतिम टैक्स देनदारी का निर्धारण आयकर मुख्यालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।

कंपनी संचालकों को मिलेगा पक्ष रखने का मौका
अब आयकर मुख्यालय जांच से जुड़े दस्तावेजों और रिपोर्ट का परीक्षण करेगा। इसके बाद कथित टैक्स चोरी की वास्तविक रकम निर्धारित की जाएगी। इस प्रक्रिया में संबंधित कंपनियों और उनके संचालकों को अपना पक्ष रखने तथा विभाग के निष्कर्षों पर जवाब देने का अवसर भी मिलेगा। गौरतलब है कि बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक रहे उमाशंकर सिंह का 6 अगस्त 2026 को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद भी उनसे जुड़ी कंपनियों और कारोबार को लेकर आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है।

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