तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा आदेश दिया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई थी। अदालत ने साथ ही हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने का आग्रह किया।
चार खातों में करीब 804 करोड़ रुपये
मामले का केंद्र चार बैंक खाते हैं, जिनमें रिपोर्टों के मुताबिक करीब 804 करोड़ रुपये की राशि है। TMC की ओर से इन खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी। पार्टी की दलील थी कि खातों को फ्रीज करने से जुड़ी कार्रवाई में प्रक्रियागत खामियां हैं। हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने अगस्त में इस मांग को स्वीकार नहीं किया था। अदालत के सामने यह सवाल भी था कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद लंबित होने की स्थिति में इन खातों पर किस गुट का अधिकार माना जाए।
चुनाव चिह्न के विवाद का भी असर
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि चुनाव आयोग ने सितंबर में TMC के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगी। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम अधिकार का फैसला अभी लंबित है।
इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब यह मूल सवाल अभी तय नहीं हुआ है कि बैंक खातों में मौजूद धन पर अधिकार किसका है, तब अदालत इस विवाद के गुण-दोष में जाना नहीं चाहती। पीठ ने कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले को जल्द सुनने का अनुरोध किया।
ED की जांच में क्या है आरोप?
इस पूरे मामले का एक पहलू प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से भी जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ED पार्टी फंड से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी की ओर से केयरवेल एविएशन के जरिए करीब 160 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन की जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। मामले में संबंधित पक्षों के दावे और कानूनी कार्यवाही अभी जारी है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद खातों के संचालन को लेकर अंतिम स्थिति कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही और TMC के नाम-चुनाव चिह्न विवाद पर चुनाव आयोग के अंतिम निर्णय से भी जुड़ी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट पहले ही चुनाव आयोग को दोनों गुटों के विवाद पर निर्धारित समयसीमा में निर्णय लेने को कह चुका है।

