त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी अक्टूबर में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो टिकट के साथ जरूरी पहचान पत्र रखना न भूलें। सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने का विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाने जा रहा है। इस दौरान ट्रेनों के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर भी टिकटों की जांच की जाएगी।
रेलवे के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य फोकस टिकट की वैधता और उसकी वास्तविकता की जांच करना है। खासतौर पर रियायती किराए पर लिए गए टिकट, निर्धारित आरक्षण कोटे, रेलवे पास और एक से ज्यादा यात्रियों वाले टिकटों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अनारक्षित टिकटों की भी जरूरत के मुताबिक जांच की जाएगी।
किन यात्रियों पर रहेगी खास नजर?
अभियान के दौरान ऐसे यात्रियों की जांच की जाएगी जो किसी रियायत या विशेष आरक्षण कोटे के तहत टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं। रेलवे यह भी देखेगा कि यात्री उस रियायत या कोटे का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करता है या नहीं।
इसके अलावा रेलवे पास, ई-पास और पीटीओ के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। ई-पास या पीटीओ रखने वाले यात्रियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा से पहले उसे निर्धारित अथॉरिटी टू ट्रैवल में विधिवत बदलवा लिया गया हो।
टिकट के साथ ओरिजिनल आईडी रखना जरूरी
अगर टिकट किसी रियायत या निर्धारित आरक्षण कोटे के तहत बुक किया गया है, तो यात्री को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा। मोबाइल फोन में रखी आईडी की फोटो या सामान्य फोटोकॉपी को लेकर समस्या हो सकती है, इसलिए मूल दस्तावेज साथ रखना बेहतर होगा।
मान्य पहचान पत्रों में आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर फोटो पहचान पत्र, केंद्र या राज्य सरकार की ओर से जारी फोटो पहचान पत्र और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का फोटोयुक्त पहचान पत्र शामिल हैं। फोटोयुक्त राष्ट्रीयकृत बैंक पासबुक और निर्धारित फोटोयुक्त क्रेडिट कार्ड भी मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं।
एक टिकट पर कई यात्री हैं तो यह बात जरूर जान लें
अगर एक ही टिकट पर कई यात्रियों का आरक्षण है, तो जांच के समय टिकट पर दर्ज कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरूरी है। पहचान पत्र नहीं दिखा पाने की स्थिति में रेलवे नियमों के तहत उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है।
टिकट की जांच के लिए डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल
इस अभियान के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ जरूरत के मुताबिक टीटीई ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकता है। इसके जरिए अनारक्षित टिकटों समेत टिकट की प्रामाणिकता और यात्री से जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है।
बिना टिकट यात्रा पर अब ज्यादा जुर्माना
रेलवे नियमों में बिना टिकट या अनधिकृत यात्रा पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने में भी बदलाव किया गया है। 20 जून 2026 से लागू प्रावधानों के तहत यह न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है। इसके अलावा मामले के अनुसार यात्री से अन्य देय किराया या शुल्क भी वसूला जा सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अक्टूबर में ट्रेन से यात्रा करने वालों को सफर से पहले अपना टिकट अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। अगर टिकट किसी रियायत, कोटे या पास के आधार पर है तो उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें। ग्रुप या परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र जरूर होना चाहिए। त्योहारी सीजन में ट्रेनों और स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में टिकट और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने पर जांच के दौरान परेशानी से बचा जा सकता है।

