• info@thevaarta.com

आपके नाम पर 9 से ज्यादा SIM हैं तो नहीं मिलेगा नया कनेक्शन, 24 अगस्त से बदल जाएगा नियम

आपके नाम पर 9 से ज्यादा SIM हैं तो नहीं मिलेगा नया कनेक्शन, 24 अगस्त से बदल जाएगा नियम

ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल SIM कार्ड को लेकर एक अहम कदम उठाया है। अब एक व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन होने पर नया SIM लेना मुश्किल होगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़ी संख्या में SIM कार्ड हासिल करने वाले साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसना है।

9 SIM के बाद नया कनेक्शन नहीं
DoT के निर्देशों के मुताबिक, जिन ग्राहकों के नाम पर पहले से 9 मोबाइल SIM सक्रिय हैं, उन्हें नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा। यानी यदि आपके नाम पर 9 SIM पहले से चल रहे हैं और आप 10वां कनेक्शन लेने की कोशिश करते हैं, तो टेलीकॉम कंपनी आपका नया SIM जारी नहीं करेगी।

यह व्यवस्था खास तौर पर उन मामलों पर रोक लगाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां फर्जी पहचान या दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक ही व्यक्ति के नाम पर कई मोबाइल नंबर हासिल कर लिए जाते हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल बाद में कॉलिंग, OTP फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और दूसरी साइबर गतिविधियों में किया जा सकता है।

24 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था
DoT के निर्देश के अनुसार 24 अगस्त 2024 से टेलीकॉम कंपनियों को SIM जारी करने की प्रक्रिया में इस सीमा का पालन करना होगा। नया कनेक्शन लेने वाले ग्राहक की पहचान और उसके नाम पर पहले से सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी सिस्टम के जरिए जांची जाएगी।

अगर जांच में सामने आता है कि ग्राहक के नाम पर पहले ही 9 SIM सक्रिय हैं, तो कंपनी उसे नए कनेक्शन के लिए अधिकतम सीमा पूरी होने की जानकारी देगी। इसके बाद नया SIM जारी नहीं किया जाएगा।

DIP पोर्टल से होगी SIM की जांच
इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को Digital Intelligence Platform यानी DIP का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहकों से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से जांचने और संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

निर्देशों के तहत 23 अगस्त से उन ग्राहकों की फोटो और रिकॉर्ड भी DIP पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, जिनके नाम पर 9 SIM सक्रिय हैं। इससे नया कनेक्शन जारी करते समय ग्राहक की पहचान और उसके नाम पर मौजूद मोबाइल कनेक्शनों की संख्या की जांच आसान हो सकेगी। DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को DIP से जोड़ने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए 30 नवंबर तक का समय भी दिया था।

9 से ज्यादा SIM निकल गए तो क्या होगा?
अगर किसी कारण से किसी ग्राहक के नाम पर 9 से अधिक SIM जारी हो जाते हैं, तो अतिरिक्त नंबर पर कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के अनुसार सबसे बाद में जारी किए गए अतिरिक्त मोबाइल नंबर को एक दिन के भीतर सस्पेंड किया जा सकता है।

जब तक ग्राहक अपने नाम पर सक्रिय SIM की संख्या को निर्धारित सीमा से नीचे नहीं लाता, तब तक उसके नाम पर नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा। इसलिए यह जरूरी है कि लोग समय-समय पर यह जांच करते रहें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।

ऐसे चेक करें आपके नाम पर कितने SIM हैं
कई बार हमें पता ही नहीं होता कि हमारे पहचान पत्र का इस्तेमाल करके कोई दूसरा मोबाइल नंबर तो सक्रिय नहीं करा लिया गया। ऐसी स्थिति से बचने के लिए दूरसंचार विभाग ने ग्राहकों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी जांचने की सुविधा दी है।

इसके लिए आधिकारिक TAFCOP पोर्टल पर जाकर अपने नाम पर सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी देखी जा सकती है। आपको अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा दर्ज करना होगा। इसके बाद OTP के जरिए सत्यापन पूरा करने पर आपके नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की सूची सामने आ जाएगी।

अगर सूची में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आपने कभी इस्तेमाल नहीं किया या जो आपके लिए जरूरी नहीं है, तो उसे रिपोर्ट किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित नंबर को चुनकर “Not My Number” या “Not Required” जैसे विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्यों जरूरी है यह जांच?
आपके नाम पर चल रहा कोई अनजान SIM सिर्फ एक अतिरिक्त नंबर नहीं है। यदि उसका इस्तेमाल किसी गलत गतिविधि में किया जाता है, तो जांच के दौरान दस्तावेजों में आपका नाम सामने आ सकता है। इसलिए अपने नाम पर सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी रखना डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

समय-समय पर अपने नाम पर जारी SIM की जांच करें और कोई अनजान नंबर दिखाई देने पर तुरंत रिपोर्ट करें। DoT की यह पहल न सिर्फ SIM की संख्या को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि साइबर फ्रॉड और फर्जी पहचान के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद कर सकती है।

TAFCOP पोर्टल: tafcop.sancharsaathi.gov.in

Related Articles

Leave a Reply