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सुल्तानपुर में DICCI का उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम, सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

सुल्तानपुर में DICCI का उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम, सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

DICCI: सुल्तानपुर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नए व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष “उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योजनाओं की जानकारी देना और ऐसे उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली, वित्तीय सहायता और डिजिटल व्यापार प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके व्यवसाय को नई दिशा देना भी था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नए और स्थापित उद्यमियों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त की।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति हब (NSSH), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) के संयुक्त प्रयास से मोटल एनएच-56, सुल्तानपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति हब, लखनऊ के मुख्य प्रबंधक रवि ओरन, डिक्की उत्तर प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा, डॉ. राजेश गौतम, शैलेन्द्र कुमार भीम तथा सुरेश कुमार बौद्ध सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने पर दिया गया विशेष जोर
मुख्य प्रबंधक रवि ओरन ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया में अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यदि उद्यमी सही जानकारी और पंजीकरण प्रक्रिया को अपनाएं, तो सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ व्यापार के नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से GeM पोर्टल, वेंडर रजिस्ट्रेशन, उद्यम पंजीकरण और विभिन्न सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उनका कहना था कि सही जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग छोटे व्यवसायों को भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकता है।

DICCI ने बताया उद्यमिता को सामाजिक बदलाव का माध्यम
DICCI उत्तर प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि संगठन लगातार ऐसे उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है जो संसाधनों की कमी के कारण अपने व्यवसाय को विस्तार नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि उद्यमिता आर्थिक विकास का माध्यम होने के साथ सामाजिक सशक्तिकरण का भी मजबूत आधार है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि युवा सही योजना, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग का लाभ लें, तो वे रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं।

योजनाओं और वित्तीय सहायता की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs), बैंकिंग संस्थानों, उद्योग विभाग और GeM पोर्टल से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से सरकारी खरीद नीति, वेंडर पंजीकरण प्रक्रिया, उद्यम पंजीकरण, बैंक ऋण, स्टैंड-अप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), एमएसएमई योजनाओं तथा अन्य केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में सरल भाषा में जानकारी साझा की गई। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि छोटे उद्योग सरकारी खरीद प्रक्रिया में किस प्रकार भाग लेकर अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं और सरकारी विभागों के साथ लंबे समय तक व्यावसायिक संबंध स्थापित कर सकते हैं।

सफल उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक हिस्सा वह रहा, जब सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने धैर्य, मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर अपने व्यवसाय को सफल बनाया। उद्यमियों ने यह भी समझाया कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, समय पर वित्तीय सहायता और लगातार सीखने की इच्छा किसी भी छोटे व्यवसाय को बड़ी सफलता तक पहुंचा सकती है। उनके अनुभवों ने उपस्थित युवाओं और नए उद्यमियों को स्वरोजगार तथा उद्योग स्थापना की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया

प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे पूछे सवाल
कार्यक्रम में सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों, एमएसएमई इकाइयों और युवा व्यवसायियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी विभागों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधा, वेंडर पंजीकरण, GeM पोर्टल और व्यवसाय विस्तार से जुड़े अनेक सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया।

सरकारी संस्थानों और उद्यमियों के बीच हुआ संवाद
इस आयोजन में सरकारी संस्थानों और उद्यमियों के बीच एक प्रभावी संवाद स्थापित करने का मंच भी तैयार किया। इससे प्रतिभागियों को यह समझने में मदद मिली कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपने व्यवसाय को किस तरह नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के उद्यमियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें एक ही मंच पर विभिन्न विभागों की जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त हो जाता है।

आयोजन में कई लोगों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. राजेश गौतम, शैलेन्द्र कुमार भीम और सुरेश कुमार बौद्ध की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं समापन अवसर पर विजय प्रकाश ने सभी मुख्य अतिथियों, विभागीय अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों, सफल उद्यमियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम सरकारी योजनाओं की जानकारी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला एक प्रभावी मंच भी साबित हुआ। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों से अधिक से अधिक युवा उद्यमिता की ओर आकर्षित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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