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अमेरिकी कोर्ट के फैसले से Adani Group को बड़ी राहत, शेयरों में उछाल; क्या करें निवेशक?

अमेरिकी कोर्ट के फैसले से Adani Group को बड़ी राहत, शेयरों में उछाल; क्या करें निवेशक?

अमेरिकी अदालत से गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में Adani Group की कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे और कुछ शेयरों में करीब 3.5 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

अदाणी ग्रुप के शेयरों में यह तेजी ऐसे समय आई, जब कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते व्यापक बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा था। इसके बावजूद अदाणी समूह की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिकी अदालत का फैसला आने वाले दिनों में समूह की कंपनियों के शेयरों और निवेशकों के भरोसे पर कितना असर डालता है।

अमेरिकी अदालत ने अदाणी को दी राहत
ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला अदालत के जज निकोलस गारौफिस ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले को खारिज करने की अनुमति दी। मामले में दोनों पर साजिश, सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े आरोप लगाए गए थे।

अदाणी पक्ष ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया था। अदालत के ताजा आदेश के बाद इस मामले को लेकर समूह पर बना कानूनी दबाव काफी हद तक कम हुआ है। अदालत ने मामले को “with prejudice” के साथ खारिज किया, जिसका मतलब है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर सरकार इसे दोबारा शुरू नहीं कर सकती।

यह फैसला अदाणी समूह के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका में चल रहा यह मामला लंबे समय से कंपनी और उसके निवेशकों के लिए एक प्रमुख जोखिम बना हुआ था।

कोर्ट के फैसले के बाद शेयर बाजार में दिखा असर
अमेरिकी अदालत के आदेश का असर भारतीय शेयर बाजार में अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर तुरंत नजर आया। शुरुआती कारोबार में Adani Enterprises के शेयर करीब 2.6 फीसदी चढ़कर लगभग 3,080 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।

वहीं Adani Ports and Special Economic Zone में भी करीब 1.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। समूह की कंपनियों में Adani Green Energy सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में रहा और इसमें करीब 3.5 फीसदी तक तेजी दर्ज की गई।

इसके अलावा Adani Energy Solutions, Adani Power, Adani Total Gas और NDTV के शेयरों में भी लगभग 1 से 2 फीसदी तक की मजबूती देखी गई। सीमेंट कारोबार से जुड़ी ACC और Ambuja Cements में भी करीब आधा फीसदी की बढ़त रही।

क्या था अमेरिकी मामला?
गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहा मामला नवंबर 2024 में सामने आया था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि अदाणी समूह से जुड़े लोगों ने भारत में एक सोलर एनर्जी परियोजना से संबंधित ठेके हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी।

अभियोजन पक्ष का एक अन्य आरोप यह था कि अदाणी समूह ने अमेरिकी बाजारों से लोन और बॉन्ड के जरिए अरबों डॉलर जुटाते समय निवेशकों को कथित तौर पर गुमराह किया। गौतम अदाणी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए लगातार खारिज किया था। अब अमेरिकी अदालत द्वारा मामले को खत्म किए जाने से समूह को एक अहम कानूनी राहत मिली है।

‘With Prejudice’ का क्या है मतलब?
अदाणी मामले में अदालत का “with prejudice” के आधार पर केस खारिज करना खास महत्व रखता है। सामान्य तौर पर इसका अर्थ है कि उसी आधार और उन्हीं आरोपों पर मामले को दोबारा उसी तरह से शुरू नहीं किया जा सकता।

अदाणी समूह के लिए यह फैसला अमेरिका में चल रही कानूनी अनिश्चितता को कम करने वाला माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी कानूनी मामले के खत्म होने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनी से जुड़े सभी कारोबारी और बाजार जोखिम समाप्त हो गए हैं।

अदाणी ने फैसले का किया स्वागत
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताते हुए फैसले का स्वागत किया। अदाणी पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष ऐसे किसी छिपे समझौते, वादे या लेनदेन से इनकार किए जाने की बात भी सामने आई, जो मामले को वापस लेने के फैसले से जुड़ा हो।

जज गारौफिस ने भी मामले को समाप्त करने से पहले अमेरिकी न्याय विभाग से केस वापस लेने के कारणों को लेकर अतिरिक्त जानकारी मांगी थी। अदालत ने उपलब्ध दलीलों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद मामले को खत्म करने की अनुमति दी।

क्या अब अदाणी के शेयर खरीदना सही रहेगा?
कोर्ट के फैसले के बाद शेयरों में आई तेजी ने निवेशकों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या अब अदाणी ग्रुप के शेयर खरीदने चाहिए? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ अमेरिकी कोर्ट के फैसले के आधार पर निवेश का फैसला लेना उचित नहीं होगा। अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर पहले भी कानूनी और नियामकीय खबरों के कारण काफी उतार-चढ़ाव देख चुके हैं।

SMC Global Securities की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक तरह से event risk में कमी के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो, कारोबार की संभावनाओं और बाजार की स्थिति को भी देखना जरूरी है।

किन अदाणी शेयरों पर निवेशकों की नजर?
विशेषज्ञों के मुताबिक अलग-अलग अदाणी कंपनियों की कारोबारी स्थिति और जोखिम एक जैसे नहीं हैं। Adani Enterprises के कारोबार में एयरपोर्ट, न्यू एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं, जिससे इसमें विविध कारोबारी एक्सपोजर मिलता है।

Adani Ports को अपेक्षाकृत मजबूत कैश फ्लो विजिबिलिटी के कारण निवेशकों की नजर में महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं Adani Power को देश में बिजली की बढ़ती मांग से फायदा मिलने की संभावना जताई जाती है।

दूसरी ओर Adani Green Energy के सामने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में लंबी अवधि के अवसर हैं, लेकिन कंपनी के कर्ज और बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

जल्दबाजी में खरीदारी से बचने की सलाह
अदाणी समूह के शेयरों में कोर्ट के फैसले के बाद अचानक आई तेजी निवेशकों को आकर्षित कर सकती है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल एक खबर देखकर बाजार में एंट्री लेने से बचना चाहिए। जिन निवेशकों के पास पहले से अदाणी समूह के शेयर हैं, उनके लिए लंबी अवधि यानी करीब 3 से 5 साल का नजरिया अलग हो सकता है। वहीं नए निवेशकों के लिए बेहतर रणनीति यह हो सकती है कि वे तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन का आकलन करें।

कुल मिलाकर अमेरिकी अदालत का फैसला अदाणी ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत जरूर है। इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया है, लेकिन आगे शेयरों की दिशा केवल इस फैसले से तय नहीं होगी। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबारी विस्तार, कर्ज, वैल्यूएशन और व्यापक बाजार परिस्थितियां भी निवेशकों के फैसले में अहम भूमिका निभाएंगी।

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