हरदोई। जिले के संडीला क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक अंडा उत्पादन इकाई से निकलने वाले कचरे और अपशिष्ट के कारण आसपास के कई गांवों में मक्खियों का असामान्य प्रकोप फैल गया है। लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घरों में खाना बनाना, भोजन करना और रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। पिछले एक महीने से ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
कई गांवों तक फैलने का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, भरावन ब्लॉक के हयातगंज गांव में स्थित अंडा फैक्ट्री से निकलने वाले जैविक कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं हो रहा है। उनका दावा है कि इसी वजह से मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका असर केवल एक ही गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के 15 से अधिक गांव भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि करीब 10 किलोमीटर के दायरे तक इस समस्या का प्रभाव महसूस किया जा रहा है।
रोजमर्रा की जिंदगी हुई मुश्किल
मक्खियों की बढ़ती संख्या ने लोगों की दिनचर्या पर सीधा असर डाला है। ग्रामीणों का कहना है कि रसोई में खाना बनाते समय या भोजन परोसते समय हर समय मक्खियों से जूझना पड़ता है। दुकानों, पशुशालाओं और घरों के भीतर भी बड़ी संख्या में मक्खियां दिखाई देती हैं। कई परिवारों ने भोजन को हर समय ढंककर रखना शुरू कर दिया है ताकि वह दूषित न हो। स्थानीय किसानों का कहना है कि पशुओं की देखभाल और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों में यह आशंका भी बनी हुई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
एक महीने से जारी है विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं दिखाई दी। इसी वजह से पिछले लगभग एक महीने से क्षेत्र के लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि फैक्ट्री के कचरा प्रबंधन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
राजनीतिक स्तर पर भी उठा मामला
यह मुद्दा अब राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना से मुलाकात कर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया और जल्द कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता और विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भी पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने क्षेत्र में संभावित स्वास्थ्य संकट की आशंका जताते हुए प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
जानकारी के अनुसार, पर्यावरण मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से किसी अंतिम कार्रवाई या जांच रिपोर्ट की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल प्रभावित गांवों के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग किसी विवाद की नहीं है, बस स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित जीवन की है। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो इससे लोगों को राहत मिलेगी और संभावित स्वास्थ्य संकट को भी टाला जा सकेगा।

