बहराइच के कैसरगंज में मासूम बच्चे से कुकर्म कर उसकी हत्या करने वाले मुकेश निषाद को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) ने सुनाई फांसी की सजा
बहराइच: गुरुवार को बहराइच जिला न्यायालय की विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) बेंच ने रिकॉर्ड एक महीने में मासूम बच्चे से कुकर्म और हत्या के आरोपी को रिकॉर्ड 1 महीने के भीतर कार्रवाई पूरी करते हुए फांसी की सजा सुनाई। अपना फैसला सुनाते हुए न्यायधीश अरविंद कुमार गौतम ने कहा कि दोषी का यह अपराध विरल से विरलतम श्रेणी का है। उसका यह कृत्य मानवता के विरुद्ध है।
मासूमों के विरुद्ध होने वाले अपराध भविष्य की पीढ़ी के लिए खतरा है। समाज में विश्वास बहाल करने के लिए कठोर से कठोरतम दंड देना जरूरी है। बहराइच पॉस्को कोर्ट ने आरोपित को मृत्युदंड की सजा के साथ – साथ उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। बतौर प्रतिकर जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि मृतक के पिता को दी जाएगी। पॉस्को कोर्ट ने घटना से महज 72 दिन में यह सुनवाई पूरी की है।
गौरतलब है कि, 1 2 मई को कैसरगंज क्षेत्र के एक गांव में विवाह कार्यक्रम था, जहाँ मझारा तौकली के दयालपुरवा निवासी आरोपित मुकेश निषाद भी आया था। उसने मौका पाकर सात वर्षीय बच्चे को को गांव से दूर झाड़ियों में ले जाकर कुकर्म किया।
घटना का पर्दाफाश न हो, इसके लिए उसने बच्चे की हत्या कर शव झाड़ी में फेंक दिया। अपने बेटे के घर पर न पाकर पिता और अन्य परिवारजनों ने तलाश शुरू की तो गांव के बाहर झाड़ी में बच्चे का शव मिला।
परिवारजनों की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुकेश निषाद का नाम उजागर किया। विज्ञानी साक्ष्य समेत अन्य सबूतों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। उसने कुकर्म के बाद हत्या किए जाने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने एक माह की विवेचना के बाद 12 जून को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। कोर्ट में 42 दिन तक मामले का विचारण हुआ।

