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म्यूचुअल फंड्स: लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में किसकी हुई मोटी कमाई, गिरते बाजार में किसे हुआ नुकसान?

म्यूचुअल फंड्स: लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में किसकी हुई मोटी कमाई, गिरते बाजार में किसे हुआ नुकसान?

शेयर बाजार में पिछले कई हफ्तों से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1,045 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, जबकि निवेशकों की संपत्ति में करीब 11.37 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। हालांकि, शुक्रवार को बाजार में तेजी लौटी और सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा उछला। इसके बावजूद बाजार में जारी अस्थिरता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

शेयर बाजार में गिरावट के बीच म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोग भी अपने निवेश के प्रदर्शन को लेकर सतर्क हैं। खासकर इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशक यह समझना चाहते हैं कि बाजार के उतार-चढ़ाव का उनके निवेश पर कितना असर पड़ा है और किस कैटेगरी के फंड ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से शेयर बाजार में निवेश करते हैं। इनमें लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप जैसी अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं। इन तीनों में निवेश का तरीका, कंपनियों का आकार और जोखिम का स्तर अलग-अलग होता है। ऐसे में किसी एक कैटेगरी का प्रदर्शन दूसरी से बेहतर हो सकता है, लेकिन यह प्रदर्शन हर अवधि में एक जैसा रहे, इसकी गारंटी नहीं है।

लार्ज कैप फंड्स: बड़ी कंपनियों में निवेश, लेकिन गिरावट का असर यहां भी
लार्ज कैप म्यूचुअल फंड बड़ी बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। इन कंपनियों का कारोबार आमतौर पर स्थापित होता है और बाजार में इनकी अच्छी पहचान होती है। हालांकि, बाजार में गिरावट आने पर इन कंपनियों के शेयरों की कीमत भी नीचे जा सकती है।

ICICI Prudential Large Cap Fund के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इसके डायरेक्ट प्लान ने एक रिपोर्ट में तीन महीने में 6.37 फीसदी और छह महीने में 5.63 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। इसी डेटा में एक साल का रिटर्न माइनस 8.86 फीसदी, तीन साल का वार्षिकीकृत रिटर्न 9.03 फीसदी और पांच साल का वार्षिकीकृत रिटर्न 9.53 फीसदी बताया गया।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि छोटी अवधि में इस फंड पर दबाव रहा, जबकि तीन और पांच साल की अवधि में इसका रिटर्न सकारात्मक रहा। हालांकि, फंड के रिटर्न की तारीख और गणना का आधार जांचना जरूरी है। इन आंकड़ों को 30 सितंबर 2026 का रिटर्न नहीं माना जाना चाहिए।

लार्ज कैप फंड्स को अपेक्षाकृत स्थिर कंपनियों में निवेश का विकल्प माना जाता है, लेकिन इनमें भी बाजार का जोखिम बना रहता है। इसलिए निवेश से पहले केवल कंपनी के आकार या फंड के नाम को देखकर फैसला करना उचित नहीं है।

मिड कैप फंड्स: लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना, जोखिम भी अधिक
मिड कैप फंड मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं। ऐसी कंपनियों में आगे बढ़ने की संभावना हो सकती है, लेकिन उनके शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अधिक हो सकता है। बाजार में तेजी आने पर ये फंड अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि गिरावट के दौरान इनमें नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है।

Invesco India Midcap Fund के उपलब्ध आंकड़ों में डायरेक्ट प्लान का तीन महीने का रिटर्न माइनस 4.32 फीसदी दर्ज किया गया। वहीं, छह महीने में इसका रिटर्न 17.97 फीसदी और एक साल में 6.61 फीसदी बताया गया। तीन साल का वार्षिकीकृत रिटर्न 22.43 फीसदी और पांच साल का 18.63 फीसदी रहा।

इन आंकड़ों के अनुसार, इस फंड का तीन महीने का प्रदर्शन नकारात्मक रहा, लेकिन लंबी अवधि में इसका रिटर्न सकारात्मक रहा। यह अंतर बताता है कि किसी फंड का हाल समझने के लिए सिर्फ पिछले कुछ महीनों का प्रदर्शन देखना पर्याप्त नहीं है।

हालांकि, एक फंड के प्रदर्शन के आधार पर पूरी मिड कैप श्रेणी के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अलग-अलग फंड्स के निवेश, खर्च और जोखिम के स्तर में अंतर होता है।

स्मॉल कैप फंड्स: रिटर्न आकर्षक, लेकिन जोखिम को नजरअंदाज न करें
स्मॉल कैप फंड छोटी बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। इन कंपनियों में तेजी से विस्तार करने की संभावना हो सकती है, लेकिन इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव भी अधिक देखने को मिल सकता है। बाजार में गिरावट आने पर स्मॉल कैप फंड्स पर दबाव बढ़ सकता है।

Bandhan Small Cap Fund के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, डायरेक्ट प्लान ने तीन महीने में 2.48 फीसदी, छह महीने में 20.26 फीसदी और एक साल में 11.07 फीसदी का रिटर्न दर्ज किया। तीन साल का वार्षिकीकृत रिटर्न 22.98 फीसदी और पांच साल का 18.72 फीसदी बताया गया।

वहीं, Quant Small Cap Fund के उपलब्ध आंकड़ों में तीन महीने का रिटर्न 1.60 फीसदी, छह महीने का 27.18 फीसदी और एक साल का 14.15 फीसदी रहा। तीन साल का वार्षिकीकृत रिटर्न 17.48 फीसदी और पांच साल का 18.59 फीसदी बताया गया।

इन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बंधन स्मॉल कैप फंड का तीन साल और पांच साल का रिटर्न क्वांट स्मॉल कैप फंड से अधिक रहा। वहीं, छह महीने और एक साल की अवधि में क्वांट स्मॉल कैप फंड आगे रहा।

ये तुलना दिखाती है कि एक ही श्रेणी के दो फंड्स का प्रदर्शन भी अलग-अलग अवधि में बदल सकता है। इसलिए निवेश से पहले सिर्फ हालिया रिटर्न देखना पर्याप्त नहीं है।

लार्ज, मिड और स्मॉल कैप फंड्स में क्या है अंतर?
लार्ज कैप फंड आमतौर पर बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं। मिड कैप फंड मध्यम आकार की कंपनियों पर ध्यान देते हैं, जबकि स्मॉल कैप फंड छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं।

इन श्रेणियों में जोखिम का स्तर भी अलग हो सकता है। सामान्य तौर पर स्मॉल कैप और मिड कैप फंड्स में कीमतों का उतार-चढ़ाव अधिक हो सकता है। लार्ज कैप फंड्स में अपेक्षाकृत बड़ी कंपनियों का हिस्सा अधिक होने के कारण जोखिम की प्रकृति अलग होती है, लेकिन इनमें भी नुकसान हो सकता है।

इसलिए किसी निवेशक के लिए कौन-सा फंड बेहतर है, यह केवल उसके पिछले रिटर्न से तय नहीं होता। निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और फंड के पोर्टफोलियो को भी देखना जरूरी है।

बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार में गिरावट आने पर निवेशकों के लिए घबराकर फैसला लेने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करना जरूरी है। यदि निवेश लंबी अवधि के लिए किया गया है, तो बाजार में थोड़े समय की गिरावट के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है। वहीं, निकट भविष्य में जरूरी होने वाले पैसे को अधिक जोखिम वाले निवेश में रखना भी उचित नहीं हो सकता।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले फंड की जोखिम श्रेणी, खर्च, निवेश रणनीति और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन की जांच करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह ली जा सकती है।

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