बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग का मामला अब एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की जांच में बदलता नजर आ रहा है। पुलिस की जांच में कथित तौर पर खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने टाइगर को निशाना बनाने से पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार समेत कई बड़े सितारों की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि इन अभिनेताओं की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी होने के कारण आरोपियों ने अपनी योजना बदल दी। इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों का इंतजाम किसने किया, उन्हें शूटरों तक कैसे पहुंचाया गया और इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन शामिल था।
18 अक्टूबर को टाइगर की कार पर हुई थी फायरिंग
मामला 18 अक्टूबर 2026 का है। मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलकर लौट रहे टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं। हमलावरों ने मौके पर पहुंचकर कार को निशाना बनाया और वारदात के बाद फरार हो गए।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज की और आरोपियों की तलाश शुरू की। सोमवार को बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान समेत तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया। इनमें एक नाबालिग भी बताया गया है। इसके बाद मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
टाइगर से पहले दूसरे सितारों की रेकी का दावा
जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपियों को कथित तौर पर मुंबई में किसी बड़े अभिनेता को निशाना बनाने के इरादे से भेजा गया था। शूटर अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे सितारों के घरों की रेकी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने संबंधित स्थानों के वीडियो बनाकर अनिल पंडित को भेजे थे।
हालांकि, इन अभिनेताओं को निशाना बनाने की योजना और रेकी से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल सामने आए दावों के मुताबिक, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण हमलावरों ने अपना प्लान बदल दिया और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की तैयारी की।
सात दिन तक टाइगर की गतिविधियों पर नजर रखने का आरोप
पुलिस की जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों के बारे में इंटरनेट के जरिए जानकारी जुटाई थी। उन्हें पता चला कि टाइगर रविवार को फुटबॉल खेलने आते हैं। इसके बाद कई दिनों तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
हमलावरों ने पहले भी टाइगर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उस दिन अभिनेता के फुटबॉल खेलने नहीं पहुंचने के कारण उनकी योजना सफल नहीं हुई। 18 अक्टूबर को दोबारा मौके पर पहुंचे आरोपियों ने फायरिंग कर दी।
हथियार सप्लाई के आरोप में दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
इस मामले में गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21) और सुमित (19) तथा उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन लोगों पर शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने और वारदात से जुड़े नेटवर्क में भूमिका निभाने का आरोप है।
जांच में दावा किया गया है कि कुणाल ने कथित तौर पर अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाए थे। इसके बाद हथियार को राधा और बबीता के जरिए ट्रेन से मुंबई पहुँचाया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंची थीं और एक होटल में ठहरी थीं। इसके बाद एक नाबालिग के बैग लेने पहुंचने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की सप्लाई से लेकर शूटरों को ठिकाने और भागने में मदद उपलब्ध कराने तक कितने लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करके इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए लगी हुयी है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की जांच
इस पूरे मामले में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कुणाल कथित तौर पर उसके संपर्क में था और दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत होती थी। अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, इस नेटवर्क में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और गैंग से उसके संबंधों को लेकर जांच जारी है।
बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग और दूसरे सितारों की कथित रेकी के खुलासों ने बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस, हथियारों के स्रोत, आरोपियों के आपसी संपर्क, कथित साजिश के पीछे के लोगों और हमले के मकसद हर पहलू पर जांच कर रही है।

