अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा जारी कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
विदेश विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका की यात्रा संबंधी कुछ पाबंदियों का पालन करना होगा। प्रतिनिधिमंडल पर विलासिता से जुड़ी वस्तुओं और कुछ अन्य सामानों की खरीद को लेकर प्रतिबंध लागू रहेंगे। अमेरिका के अनुसार, इस बार ईरान से आने वाला प्रतिनिधिमंडल पिछले वर्ष की तुलना में छोटा होगा।
सुरक्षा परिषद में अमेरिका को झटका
इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान को लेकर अमेरिका की कोशिश को बड़ा झटका लगा। रूस और चीन ने अमेरिका के उस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया, जिसमें ईरान पर लागू प्रतिबंधों की निगरानी जारी रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों को अधिकृत करने का प्रावधान था। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए इन प्रतिबंधों में विदेशों में मौजूद संपत्तियों को फ्रीज करना, हथियारों से जुड़े सौदों पर रोक और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
साल 2015 के परमाणु समझौते के ‘स्नैपबैक’ प्रावधान के तहत फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने 27 सितंबर 2025 को इन प्रतिबंधों को दोबारा लागू किया था। ऐसे में UN महासभा से पहले सामने आए ये घटनाक्रम अमेरिका, ईरान और वैश्विक कूटनीति के बीच बढ़ते तनाव को दिखाते हैं।

