आज के दौर में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का भी अहम जरिया बन चुका है। ऐसे में फोन चोरी या गुम होने पर खतरा सिर्फ डिवाइस तक सीमित नहीं रहता। साइबर अपराधी मोबाइल और उसमें मौजूद SIM का गलत इस्तेमाल कर आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं।
साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने एक वीडियो के जरिए लोगों को ऐसे ही एक संभावित खतरे के प्रति आगाह किया है। उनके मुताबिक, कई लोग यह मानकर चलते हैं कि UPI ऐप पर मजबूत PIN लगा होने के कारण उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन केवल UPI PIN को सुरक्षा की अंतिम दीवार मानना सही नहीं है।
SIM कार्ड भी बन सकता है बड़ा खतरा
अमित दुबे के मुताबिक, साइबर अपराधी चोरी या गुम हुए मोबाइल से SIM कार्ड निकालकर उसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं। मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट और दूसरी डिजिटल सेवाओं से जुड़ा होने के कारण SIM तक पहुंच अपराधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ऐसे मामलों में अपराधी अलग-अलग तकनीकों और उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का दुरुपयोग करके पीड़ित की बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए मोबाइल चोरी होने के बाद सिर्फ नया फोन खरीदना या UPI ऐप को लॉक करना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए।
सरकारी डिजिटल सुविधाओं के दुरुपयोग का भी खतरा
अमित दुबे ने यह भी बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं और डिजिटल तथा सरकारी सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि मोबाइल, SIM, बैंकिंग और UPI से जुड़ी सुरक्षा को एक साथ देखना जरूरी है।
मोबाइल चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अगर आपका मोबाइल फोन चोरी या गुम हो जाता है तो सबसे पहले अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क कर SIM को बंद करवाएं। इसके साथ ही बैंक को सूचना देकर मोबाइल बैंकिंग और संबंधित सेवाओं को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाना सुरक्षित कदम हो सकता है।
UPI से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही बैंक और संबंधित UPI सेवा प्रदाता को सूचना दें। वित्तीय साइबर फ्रॉड होने पर भारत के आधिकारिक साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है और संबंधित पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सिर्फ UPI PIN ही सुरक्षा नहीं
डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि UPI PIN को किसी के साथ साझा न करें और मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत SIM और बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित करें। फोन में स्क्रीन लॉक, SIM लॉक और अन्य उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल भी जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।
साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने के बजाय सतर्क रहना और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत बैंक तथा संबंधित अधिकारियों को सूचना देना जरूरी है।

