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इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के नेशनल कॉन्क्लेव में DICCI यूपी की प्रभावशाली भागीदारी, नए व्यावसायिक अवसर तलाशने और उद्यमियों के सशक्तीकरण पर दिया जोर, समावेशी उद्यमिता को मिला नया आयाम

इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के नेशनल कॉन्क्लेव में DICCI यूपी की प्रभावशाली भागीदारी, नए व्यावसायिक अवसर तलाशने और उद्यमियों के सशक्तीकरण पर दिया जोर, समावेशी उद्यमिता को मिला नया आयाम

नई दिल्ली। उद्योग जगत में आपसी सहयोग, व्यावसायिक साझेदारी और समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) यूपी चैप्टर ने नया अध्याय जोड़ते हुए 12 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय उद्योग संघों के द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस सम्मेलन ने विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद, संपर्क विस्तार और नए व्यावसायिक अवसरों की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। DICCI यूपी चैप्टर की इस सहभागिता को संगठन की उस व्यापक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके केंद्र में उद्यमिता का विकास, उद्योग जगत में प्रभावी भागीदारी और समाज के वंचित वर्गों के उद्यमियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना शामिल है।

पद्मश्री रवि नर्रा का मार्गदर्शन, यूपी चप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा के नेतृत्व में सहभागिता :
सम्मेलन में DICCI के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पद्मश्री सम्मानित रवि नर्रा का मार्गदर्शन और सान्निध्य संगठन के सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण रहा। उनके मार्गदर्शन में उद्यमिता को व्यापक अवसरों से जोड़ने, उद्योग जगत के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा व्यवसाय के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने की संगठनात्मक प्रतिबद्धता को बल मिला। वहीं DICCI यूपी चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा के नेतृत्व में संगठन के सदस्यों ने सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रदेश इकाई की भागीदारी का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न उद्योग संघों के साथ संपर्क स्थापित करना, व्यावसायिक नेटवर्क का विस्तार करना और ऐसे अवसरों की पहचान करना रहा, जिनसे प्रदेश के उद्यमियों को भविष्य में लाभ मिल सके। इस अवसर पर भरत प्रसाद एवं निर्मलजीत ने DICCI उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमुख प्रतिनिधियों के रूप में सहभागिता की।

नेटवर्किंग से व्यावसायिक साझेदारी तक, नए अवसरों की तलाश :
वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक आर्थिक परिवेश में उद्योग संगठनों के बीच संवाद और सहयोग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन उद्यमियों को अपने अनुभव साझा करने, संभावित साझेदारियों की पहचान करने और बाजार की बदलती आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। DICCI उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी इसी दृष्टिकोण का हिस्सा रही। उद्योग संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश के माध्यम से संगठन प्रदेश के उद्यमियों को व्यापक कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में प्रयासरत है।

समावेशी उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष जोर:
DICCI का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को प्रोत्साहित करना, उन्हें उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसरों से जोड़ना तथा आर्थिक सशक्तीकरण की प्रक्रिया को गति देना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप DICCI उत्तर प्रदेश की सहभागिता को उद्यमियों के बीच संपर्क विस्तार और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। संगठन का दृष्टिकोण ऐसे कारोबारी वातावरण को बढ़ावा देना है, जहां प्रतिभा, नवाचार, मेहनत और उद्यमशीलता को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

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