लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए शनिवार का दिन रोजगार के लिहाज से अहम रहा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कुल 818 चयनित अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्योग विभाग से जुड़े पद शामिल हैं।
21 अभ्यर्थियों को सीएम ने खुद सौंपा नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से 21 चयनित अभ्यर्थियों को अपने हाथों नियुक्ति पत्र दिए, जबकि बाकी 797 अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। नियुक्तियों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्सरे-टेक्नीशियन, आयुष विभाग के 404 चयनित अभ्यर्थी, कौशल विकास से जुड़े 48 अनुदेशक और उद्योग विभाग के नौ सहायक सांख्यिकीय अधिकारी शामिल हैं।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सीएम योगी का जोर
सीएम ने अपने संबोधन में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को सरकार की उपलब्धियों से जोड़ते हुए कहा कि जब भर्ती बोर्ड और आयोग किसी राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से कराते हैं, तो उसके परिणाम भी सामने दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक करीब 9.50 लाख नियुक्ति पत्र वितरित कर चुकी है।
योगी ने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए निष्पक्ष अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उनके मुताबिक उस दौर में युवाओं के सामने रोजगार और पलायन की बड़ी चुनौती थी।
अगले छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का दावा
सीएम ने अपने संबोधन में आने वाले महीनों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान मौजूदा नियुक्ति कार्यक्रम के आगे जारी रहेगा।
पुराने भर्ती सिस्टम पर भी साधा निशाना
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भर्ती आयोगों की भूमिका और नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भर्ती बोर्ड और आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते थे, जिससे युवाओं के बीच सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया को लेकर भरोसा प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को अब पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

