संभल में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मस्जिद-ईदगाह पर चला बुलडोजर,
10.5 बीघा भूमि कराई गई कब्जामुक्त
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी कब्रिस्तान की जमीन पर बने कथित अवैध मस्जिद और ईदगाह के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। असमोली थाना क्षेत्र में तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

जिला प्रशासन के अनुसार, सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद जमीन की पैमाइश कराई गई। जांच में पाया गया कि मस्जिद और ईदगाह का निर्माण सरकारी भूमि पर किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई हुई, जहां कब्जे को अवैध घोषित करते हुए ढांचे हटाने का आदेश दिया गया।
कार्रवाई के दौरान सबसे पहले ईदगाह की करीब 25 फुट ऊंची मीनार को गिराया गया, जिसके बाद पूरे परिसर को ध्वस्त कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट अंकित खंडेलवाल ने बताया कि लगभग 10.5 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। हाईवे किनारे स्थित इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है।
डीएम ने बताया कि जांच में यह भी संकेत मिले थे कि जमीन पर प्लॉट विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। प्रशासन ने कब्जामुक्त कराई गई भूमि को अपने नियंत्रण में ले लिया है और भविष्य में इसका उपयोग सरकारी एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
वहीं, इस कार्रवाई पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आपत्ति जताई है। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की वैधता का अंतिम निर्णय अदालत को करना चाहिए। हालांकि प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।

