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37 पुराने विधायकों पर AAP का भरोसा, जारी की पहली 40 उम्मीदवारों की सूची, भगवंत मान-संजीव अरोड़ा को छोड़ कैबिनेट से किसी का नाम नहीं

37 पुराने विधायकों पर AAP का भरोसा, जारी की पहली 40 उम्मीदवारों की सूची, भगवंत मान-संजीव अरोड़ा को छोड़ कैबिनेट से किसी का नाम नहीं

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने शुरुआती चरण में 40 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है। इस सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को छोड़कर मौजूदा मंत्रिमंडल के किसी अन्य सदस्य का नाम शामिल नहीं है। वहीं, उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने नए चेहरों के बजाय पुराने नेताओं पर अधिक भरोसा जताया है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें तो 40 में से 37 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें पिछली बार भी पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा था।

पुराने उम्मीदवारों पर AAP का भरोसा, 37 नाम रिपीट
आम आदमी पार्टी की पहली सूची से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी फिलहाल अपने मौजूदा विधायकों और पहले से आजमाए जा चुके नेताओं के साथ आगे बढ़ना चाहती है। जारी सूची में शामिल सभी 40 उम्मीदवार वर्तमान में अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से विधायक हैं। हालांकि, इनमें से तीन सीटों पर उपचुनाव के बाद विधायक बने नेताओं को दोबारा टिकट दिया गया है। इसी वजह से 2022 के चुनाव में उतारे गए उम्मीदवारों से तुलना करने पर 37 नाम ही दोहराए गए हैं।

पार्टी ने शुरुआती सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव करने से परहेज किया है। इस रणनीति के जरिए AAP अपने मौजूदा विधायकों के राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में उनकी पकड़ पर भरोसा करती दिखाई दे रही है। हालांकि, बाकी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद ही पार्टी की पूरी चुनावी रणनीति का आकलन किया जा सकेगा।

भगवंत मान धुरी से लड़ेंगे चुनाव, संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम से
पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान को धुरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम सीट से चुनाव लड़ेंगे। इन दोनों नामों के अलावा वर्तमान कैबिनेट के किसी अन्य मंत्री को पहली सूची में जगह नहीं मिली है।

मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों के नाम शामिल नहीं होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, इसे मंत्रियों के टिकट कटने का अंतिम संकेत मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि पार्टी ने अभी सभी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। आगामी सूचियों में बाकी मंत्रियों और अन्य नेताओं के नाम सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

लुधियाना पश्चिम, चब्बेवाल और तरनतारन में बदले उम्मीदवार
2022 के चुनाव और मौजूदा सूची की तुलना करने पर तीन सीटें ऐसी हैं, जहां परिस्थितियों के कारण उम्मीदवारों के नाम बदले हैं। इनमें लुधियाना पश्चिम, चब्बेवाल और तरनतारन शामिल हैं।

लुधियाना पश्चिम सीट पर 2022 में AAP ने गुरप्रीत गोगी को मैदान में उतारा था। उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ, जिसमें संजीव अरोड़ा ने जीत दर्ज की। अब पार्टी ने एक बार फिर इसी सीट से अरोड़ा पर भरोसा जताया है।

चब्बेवाल विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव के बाद उम्मीदवार बदला गया। वर्ष 2022 में राजकुमार चब्बेवाल यहां से विधायक चुने गए थे। 2024 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बनने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता छोड़ दी। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे इशांक कुमार चब्बेवाल ने जीत हासिल की। AAP ने अब उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया है।

इसी तरह तरनतारन सीट पर 2022 में कश्मीर सिंह सोहल ने जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में हरमीत सिंह संधू विधायक बने। पार्टी ने पहली सूची में संधू को फिर से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।

शेरी कलसी पर भी पार्टी ने जताया भरोसा
बटाला विधानसभा सीट से अमनशेर सिंह शेरी कलसी को दोबारा टिकट दिया गया है। शेरी कलसी आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। पार्टी ने उन्हें उसी सीट से फिर उम्मीदवार बनाकर अपने मौजूदा नेतृत्व और विधायकों पर भरोसा कायम रखने का संदेश दिया है।

पहली सूची में पुराने चेहरों की बड़ी संख्या यह भी दर्शाती है कि पार्टी ने फिलहाल अपने चुनावी आधार में व्यापक बदलाव करने के बजाय निरंतरता को प्राथमिकता दी है। उपचुनाव में जीतकर आए विधायकों को फिर मौका देना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

अगली सूची पर टिकी निगाहें
AAP की पहली सूची सामने आने के बाद अब राजनीतिक नजरें उम्मीदवारों की अगली सूची पर रहेंगी। सबसे अहम बात है कि कैबिनेट के बाकी मंत्रियों को किन सीटों से मौका दिया जाता है और क्या पार्टी आगे नए चेहरों को भी बड़ी संख्या में उतारेगी।

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