लखनऊ तिहरा हत्याकांड: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में तीन लोगों की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक आरोपी के मकान को सील करने के बाद उसकी चारदीवारी पर बुलडोजर चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं था और सरकारी जमीन से जुड़े अतिक्रमण को लेकर भी कार्रवाई की गई है। उधर, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ इलाके में विरोध प्रदर्शन जारी है।
कार खड़ी करने को लेकर विवाद, हुई गोलीबारी
यह मामला लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के ब्रह्माणी टोला का है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को खाली जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि गोलीबारी हो गई। इस हिंसक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की। पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोपी के मकान पर एलडीए की कार्रवाई
तिहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपी से जुड़े निर्माण पर भी कार्रवाई की है। लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम ने पहले आरोपी के मकान को सील किया और इसके बाद उसकी चारदीवारी को ढहा दिया। अधिकारियों के अनुसार, भवन का नक्शा प्राधिकरण से मंजूर नहीं कराया गया था, जिसके चलते निर्माण को अवैध मानते हुए कार्रवाई की गई।
एलडीए के अतिरिक्त सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि संबंधित भवन का नक्शा कभी स्वीकृत नहीं हुआ था। इसी आधार पर मकान को सील करने के बाद चारदीवारी हटाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, नजूल और सरकारी रास्ते की जमीन पर बनी करीब 100 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल भी ध्वस्त की गई। कार्रवाई के दौरान इलाके में लोगों की नजरें प्रशासन की टीम पर टिकी रहीं। कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की और सरकार के समर्थन में नारे लगाए।
छह आरोपी गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला (29), सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू (69), गिरीश कुमार शुक्ला (78), दिनेश शुक्ला उर्फ छून्ना (62), प्रिया शुक्ला (38) और अदिति शुक्ला (24) शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि ऋषभ शुक्ला के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, छह कारतूस, छह खोखे और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित परिवार से मिले डिप्टी सीएम, न्याय का भरोसा
घटना के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पाठक ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने और आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की संभावना जताई। उन्होंने पीड़ित परिवार को आजीवन सुरक्षा देने, परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) स्तर पर नौकरी दिलाने और मृतक की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन भी दिया।
उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी विशाख को परिवार के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की मांग, पुलिस अधिकारियों पर भी गिरी गाज
तिहरे हत्याकांड के विरोध में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ प्रदर्शनकारी आरोपियों को मृत्युदंड देने, उनके मकान को गिराने और पूरे थाने के कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े रहे।
इससे पहले, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया था। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत कई नेता भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
अंतिम संस्कार को लेकर भी बना रहा तनाव
रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद तीनों मृतकों के शव घर लाए गए थे, लेकिन मंगलवार शाम तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। मृतक शिवाजी तिवारी की बेटी ने अपनी मां के लिए सरकारी नौकरी, मुफ्त शिक्षा और आरोपियों का मकान गिराने की मांग की। परिवार ने आरोप लगाया कि मकान नजूल भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है। इसके अलावा, पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मुठभेड़ में कार्रवाई की मांग भी की।
फिलहाल सआदतगंज के ब्रह्माणी टोला में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। एक ओर पुलिस हत्याकांड की जांच और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुटी है, तो दूसरी ओर पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं।

