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मेरठ सर्पदंश हत्याकांड: पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड, हत्या छिपाने के लिए बिस्तर पर छोड़ा था जिंदा सांप

मेरठ सर्पदंश हत्याकांड: पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड, हत्या छिपाने के लिए बिस्तर पर छोड़ा था जिंदा सांप

उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सर्पदंश हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा दी गई है। दोनों पर अमित की हत्या करने और वारदात के सबूत मिटाने का दोष साबित हुआ। इस मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया था, जब बिस्तर पर मिले अमित के शव के नीचे एक जिंदा सांप पाया गया था। शुरुआत में घटना को सांप के काटने से हुई मौत बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने मामले की तस्वीर बदल दी। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद दोषियों को सजा सुनाई गई।

क्या है मेरठ का चर्चित सर्पदंश हत्याकांड?
यह मामला मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के करीब 10 निशान भी बताए गए थे। इन परिस्थितियों के कारण शुरुआत में उसकी मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया।

अमित की पत्नी रविता ने भी दावा किया था कि उसके पति की जान सांप के काटने से गई है। परिवार ने भी शुरुआती तौर पर इसी बात को सच माना, लेकिन पोस्टमार्टम के निष्कर्षों ने संदेह पैदा कर दिया। जांच में सामने आया कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अमित का गला, नाक और मुंह दबाया गया था, जिससे उसका दम घुट गया। रिपोर्ट में गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज टूटने की बात भी सामने आई। इन तथ्यों ने इस आशंका को मजबूत किया कि अमित की मौत सामान्य सर्पदंश की घटना नहीं थी।

पुलिस जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई। बताया गया कि वारदात के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने इस तथ्य सहित दूसरे साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच आगे बढ़ने पर हत्या की साजिश और उसे छिपाने की कोशिश से जुड़े आरोप सामने आए।

प्रेम संबंध बने हत्या की वजह, पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस की जांच के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। कुछ दिन पहले परिवार के सदस्यों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। अमित को भी इस रिश्ते की जानकारी हुई और उसने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अमित को अपने संबंधों में बाधा मानते हुए उसकी हत्या की योजना बनाई।

जांच में सामने आया कि 12 अप्रैल 2025 की रात, जब अमित सो रहा था, तब उसके हाथ पकड़े गए और उसका गला घोंट दिया गया। आरोप था कि हत्या के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया। इस तरह जांचकर्ताओं के सामने मामला हत्या के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने की कथित कोशिश का भी बन गया।

जागरण का बहाना बनाकर खरीदा गया था सांप
पुलिस के अनुसार, अमरदीप ने माता के जागरण का बहाना बनाकर कृष्ण नाम के सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। बताया गया कि कृष्ण को यह सांप उसके नाना प्रीतमनाथ से मिला था। जांच में इस कड़ी की भी पड़ताल की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सांप अमित के बिस्तर तक कैसे पहुंचा।

अमित के भाई मोनू कश्यप की शिकायत पर 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए। विवेचना पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया।

अदालत में 12 गवाहों के बयान, फिर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इनमें अमित का भाई मोनू कश्यप, उसकी मां मुनेश देवी, कृष्ण, सपेरा प्रीतमनाथ, दरोगा पंकज गौतम, चिकित्सक डॉ. कपिल गर्ग और विवेचक इंदु वर्मा समेत अन्य लोग शामिल थे।

अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद रविता और अमरदीप को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। इसके बाद दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। इस फैसले के साथ मामले में अदालत ने अपना निर्णय सुना दिया है। मृत्युदंड से जुड़े आगे के कानूनी चरण और अपील की स्थिति अलग प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।

बेटे को न्याय मिलने पर भावुक हुईं मां
फैसले के बाद अमित की मां मुनेश देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ जिस तरह की वारदात हुई, उसके बाद वह न्याय की उम्मीद कर रही थीं। दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय मिला है।

अमित अपने पड़ोसी दोस्त अमरदीप के साथ टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था। लेकिन जिस व्यक्ति के साथ वह काम करता था, उसी पर उसकी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप साबित हुआ। सर्पदंश का रूप देकर हत्या छिपाने की कोशिश ने इस मामले को और गंभीर बना दिया था।

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