ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क इलाके में शुक्रवार शाम एक तेज रफ्तार कार की चपेट में कई छात्र आ गए। जीएनआईओटी कॉलेज के आसपास हुई इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में करीब चार से पांच लोग घायल हुए हैं।
स्टंट के दौरान अनियंत्रित हुई कार?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से पहले इलाके में कुछ युवक कारों से स्टंट कर रहे थे और कुछ लोग इसका वीडियो भी बना रहे थे। इसी दौरान एक कार अनियंत्रित होकर सड़क पर मौजूद छात्रों की तरफ आ गई और उन्हें टक्कर मार दी। हालांकि, स्टंट और टक्कर के बीच की पूरी परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद सामने आए वीडियो में सड़क के पास लोगों की भीड़ और हादसे के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज को पुलिस जांच का हिस्सा बना रही है।
एक छात्र के पैर में फ्रैक्चर
हादसे में जीएनआईओटी कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहे गौरव नागर के पैर में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। परिजनों के मुताबिक, गौरव अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, गौरव को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि हादसे में उसके अन्य साथियों को भी चोटें आई हैं।
टक्कर के बाद चालक मौके से निकला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की टक्कर के बाद चालक मौके पर नहीं रुका और वहां से चला गया। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार और चालक से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने आरोपी चालक को पकड़ लिया है और कार को भी बरामद कर लिया गया है। जांच टीम वायरल वीडियो और घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी कहानी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किस तरह अनियंत्रित हुई और हादसे से पहले वहां क्या गतिविधियां चल रही थीं। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है। नॉलेज पार्क में बड़ी संख्या में कॉलेज और विश्वविद्यालय होने के कारण यहां छात्रों की आवाजाही रहती है। ऐसे में इस तरह की घटना ने इलाके में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।

