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दिल्ली एयरपोर्ट पर SpiceJet की उड़ानों रद्द, कई फ्लाइट्स लेट और कैंसिल; यात्री हुए परेशान

दिल्ली एयरपोर्ट पर SpiceJet की उड़ानों रद्द, कई फ्लाइट्स लेट और कैंसिल; यात्री हुए परेशान

नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को SpiceJet की कई उड़ानों के संचालन में परेशानी सामने आई। ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते कुछ फ्लाइट्स निर्धारित समय से काफी देर से चलीं, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। अचानक हुए इस व्यवधान से एयरपोर्ट पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि उसकी टीमें प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए एयरलाइन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार ताल मेल बैठा रही हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की मदद में जुटीं टीमें
एयरपोर्ट की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, SpiceJet की कुछ उड़ानों में आई समस्या के बाद ग्राउंड स्टाफ और एयरपोर्ट की टीमें यात्रियों की सहायता में जुट गईं। प्रभावित यात्रियों को जरूरी मदद उपलब्ध कराने और एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ समन्वय के लिए टीमें सक्रिय रहीं।

हालांकि, शनिवार को सामने आई इस ताजा समस्या की विस्तृत वजह को लेकर SpiceJet की ओर से तत्काल कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी उड़ानें प्रभावित हुईं और व्यवधान का मुख्य कारण क्या था।

चार दिन पहले दुबई की फ्लाइट ने भी बढ़ाई थी मुश्किल
SpiceJet के यात्रियों के लिए यह परेशानी नई नहीं है। महज कुछ दिन पहले दिल्ली से दुबई जाने वाली दो उड़ानों में लंबी देरी ने यात्रियों की मुश्किल बढ़ा दी थी। 15 सितंबर को SG-5111 और SG-5105 की उड़ानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। एक फ्लाइट करीब 30 घंटे की देरी के बाद रवाना हुई, जबकि दूसरी को करीब 19 घंटे बाद उड़ान भरनी पड़ी। इस घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध भी किया था।

SpiceJet ने उस मामले में देरी को ऑपरेशनल कारणों और एक विमान के ग्राउंडेड होने से जोड़ा था। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने और असुविधा कम करने की बात कही थी।

आर्थिक संकट से भी जूझ रही SpiceJet
लगातार सामने आ रही ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच SpiceJet पहले से ही वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सितंबर की शुरुआत में कहा था कि सरकार एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर उसके साथ लगातार बातचीत कर रही है। सरकार ने SpiceJet को अपना ऑपरेशन बढ़ाने और उपलब्ध क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में काम करने को कहा है।

एयरलाइन अतिरिक्त फंड जुटाने के लिए Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) का सहारा लेने की कोशिश कर रही है। सरकार ने एयरलाइंस पर बढ़ते वित्तीय दबाव को देखते हुए ECLGS 5.0 को भी मंजूरी दी थी। ATF की कीमतों, एयरस्पेस से जुड़े व्यवधानों, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और विमान इस्तेमाल की क्षमता कम रहने जैसी परिस्थितियों ने एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ाया है।

फ्लाइट ऑपरेशन और बाजार हिस्सेदारी भी चुनौती
SpiceJet की मुश्किलों का असर उसके ऑपरेशन पर भी दिखाई देता है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, एयरलाइन का परिचालन बेड़ा अपने पुराने स्तर की तुलना में काफी छोटा हो चुका है, जिससे उड़ानों के संचालन पर दबाव बढ़ा है।

ऐसे में दिल्ली एयरपोर्ट पर बार-बार सामने आ रही देरी और कैंसिलेशन की घटनाएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। एयरलाइन के सामने एक तरफ वित्तीय दबाव कम करने और ऑपरेशन मजबूत करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ यात्रियों को समय पर और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराने की जरूरत भी बनी हुई है।

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