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यूपी का दवा-उपकरण खरीद घोटाला, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया

यूपी का दवा-उपकरण खरीद घोटाला, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया

उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के चार जिलों में सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने बहराइच के पयागपुर से पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई विजिलेंस की ओर से दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर की गई है।

विजिलेंस की FIR के बाद ED ने संभाली जांच
मामले की शुरुआत स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी खरीद प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की शिकायतों से हुई थी। विजिलेंस की एफआईआर में आरोप लगाया गया कि मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी कंपनियों और फर्मों ने स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बलरामपुर के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में अनियमितता की। शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब उसी केस के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाई है।

चार जिलों के टेंडर और भुगतान का रिकॉर्ड तलब
ED की जांच में अब खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। एजेंसी ने स्वास्थ्य विभाग से चारों जिलों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की सप्लाई के लिए जारी किए गए टेंडर, टेंडर को मंजूरी देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी, सप्लाई से संबंधित दस्तावेज और भुगतान का रिकॉर्ड मांगा है। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि सरकारी खरीद के दौरान धनराशि का प्रवाह किस तरह हुआ और भुगतान किन कंपनियों या फर्मों को किया गया। इसी के साथ खरीद प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी।

पूर्व विधायक के भाई का नाम भी जांच में
इस मामले में मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय कुमार श्रीवास्तव का नाम भी सामने आया है। वह स्वास्थ्य विभाग में बाबू के पद पर तैनात रह चुका है। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब ED की जांच शुरू होने से कथित वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

आय से अधिक संपत्ति मामले में भी आरोपित
मुकेश श्रीवास्तव इससे पहले राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में भी आरोपित रहे हैं। विजिलेंस के मुताबिक, उन्हें 10 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में लखनऊ के वेव मॉल से गिरफ्तार किया गया था। विजिलेंस के अनुसार, जांच की निर्धारित अवधि में उनकी वैध आय करीब ₹1.12 करोड़ आंकी गई, जबकि संपत्ति की खरीद, रखरखाव और अन्य खर्चों को मिलाकर करीब ₹1.80 करोड़ का व्यय सामने आया। एजेंसी के अनुसार यह राशि ज्ञात आय से करीब ₹67.30 लाख अधिक थी।

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