होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की बढ़ती सैन्य कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता नजर आ रहा है। एक तरफ अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी को लागू करने में जुटी है, तो दूसरी ओर यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमलों के जरिए स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई तेज
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। अमेरिकी सेना का कहना है कि नाकेबंदी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 2 सितंबर तक 86 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, जबकि तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया। इसके अलावा दो जहाजों पर सवार होकर जांच भी की गई। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ने से पहले से तनावपूर्ण क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
हूतियों ने दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें
इसी बीच यमन से भी बड़ी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आई है। यमनी सरकारी सेना के अनुसार, ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों का निशाना पश्चिमी यमन के इलाके रहे। यमनी सूत्रों के मुताबिक, मिसाइलों में ज्यादातर को ताइज प्रांत के मोखा शहर की दिशा में लॉन्च किया गया। इसके अलावा होदेइदाह प्रांत के अल-खोखा जिले को भी निशाना बनाया गया। मोखा में हाल के हफ्तों में हूतियों की ओर से ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
मिसाइलों के साथ जमीनी हमला
तनाव सिर्फ आसमान तक सीमित नहीं रहा। यमनी सूत्रों के अनुसार हूती लड़ाकों ने ताइज में अल-कदहा-अल-बराह इलाके के रास्ते जमीनी हमला करने की कोशिश भी की। सरकारी बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले को रोक दिया और हूती लड़ाकों को पीछे हटना पड़ा। यमन में जमीनी संघर्ष और मिसाइल हमलों के बीच होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ समुद्री मार्ग पर दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर यमन में ईरान समर्थित हूती गुट की सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है कि कब ये तनाव रुकेगा और समुद्री मार्ग पहले की तरह खुलेंगे।
हमलों से बढ़ा तेल का दाम
अमेरिका द्वारा ईरान पर हाल के हमलों से कच्चे तेल की कीमत अचानक बढ़ गयी। एक ही दिन में ब्रेंट क्रूड की कीमत 5% की बढ़ोतरी के साथ 95 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई जो पिछले चार सप्ताह में सबसे अधिक है। कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी का रुख जारी रहा तो सितंबर की खुदरा महंगाई दर आसानी से 5% को पार कर जाएगी। इससे अक्टूबर-नवंबर के त्योहारी सीजन की बिक्री प्रभावित हो सकती है।

