पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बलूच विद्रोही संगठनों के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से हवाई और जमीनी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुराब और आसपास के इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने बड़े पैमाने पर बमबारी की, जिसमें आम नागरिकों के मारे जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में सामने आए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
सुराब में एयर स्ट्राइक का दावा
बलूचिस्तान से सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक सुराब जिले के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य विमानों ने हमला किया। इन हमलों के बाद स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबरें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 30 से अधिक बताई गई है और इनमें महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल होने का दावा किया गया है।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में प्रभावित इलाकों में भारी तबाही दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, संघर्ष क्षेत्र होने के कारण इन तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना फिलहाल मुश्किल है। उपलब्ध रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आने की वजह से वास्तविक नुकसान का आकलन भी अभी स्पष्ट नहीं है।
F-16 से हमले का भी दावा
बलूच राजनीतिक कार्यकर्ता मीर यार बलूच की ओर से आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सेना और वायु सेना ने सुराब तथा आसपास के इलाकों में भारी गोलीबारी और बमबारी की। उनके मुताबिक कार्रवाई में पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, F-16 के इस्तेमाल और हमले में मारे गए लोगों की संख्या से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में इन जानकारियों को फिलहाल स्थानीय दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
BLA के हमलों के बीच बढ़ा सैन्य दबाव
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य विद्रोही संगठनों की गतिविधियां भी तेज बताई जा रही हैं। BLA लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता रहा है।
हाल के दिनों में संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि इन कार्रवाइयों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है।
एक तरफ एयर स्ट्राइक, दूसरी तरफ BLA का जवाब
रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के बीच BLA ने भी अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले किए। चगाई जिले में एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। इसके अलावा झाओ, खुजदार और वाध के आसपास भी पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सैन्य वाहनों पर हमलों के दावे किए गए हैं।
साफ है कि बलूचिस्तान में संघर्ष अब केवल छिटपुट हमलों तक सीमित नहीं रह गया है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विद्रोही संगठनों के जवाबी हमलों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
कार बम धमाके की घटना ने भी बढ़ाई चिंता
इससे पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने बलूचिस्तान में हुई एक अलग झड़प के दौरान कई विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया था। अधिकारियों के अनुसार, एक कार में लगाया गया विस्फोटक समय से पहले फट गया था। इस घटना में आतंकियों के साथ आम नागरिकों के मारे जाने की बात भी कही गई।
पाकिस्तानी प्रशासन इन घटनाओं को विद्रोही गतिविधियों और सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमलों से जोड़कर देख रहा है। दूसरी ओर, बलूच पक्ष लगातार सैन्य कार्रवाई में नागरिकों के प्रभावित होने का आरोप लगाता रहा है।
बलूचिस्तान में क्यों बढ़ रहा है तनाव?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन लंबे समय से यहां राजनीतिक असंतोष, संसाधनों पर अधिकार, अलगाववादी आंदोलन और सैन्य कार्रवाई को लेकर विवाद चलता रहा है। BLA जैसे सशस्त्र संगठन पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों का कहना है कि इन संगठनों के हमले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। वहीं बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सैन्य कार्रवाई के नाम पर आम आबादी को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही विरोधाभास बलूचिस्तान के संकट को और जटिल बनाता है।
पाकिस्तान के लिए चुनौती
फिलहाल बलूचिस्तान से सामने आ रही खबरों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पाकिस्तानी सेना विद्रोही संगठनों के खिलाफ अभियान तेज करती दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर BLA के जवाबी हमले भी जारी रहने की खबरें हैं। सबसे बड़ी चिंता नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। अगर हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों के हताहत होने की पुष्टि होती है, तो पाकिस्तान सरकार पर सैन्य कार्रवाई और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सामने आ रहे हताहतों के आंकड़ों, F-16 के इस्तेमाल और हमलों के वास्तविक लक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है। लेकिन इतना जरूर है कि बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा ने पाकिस्तान के सामने एक बार फिर गंभीर सुरक्षा और राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।

