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स्पेन बॉर्डर पर मौत का मंजर! स्यूटा में प्रवेश की कोशिश के दौरान 34 लोगों की मौत

स्पेन बॉर्डर पर मौत का मंजर! स्यूटा में प्रवेश की कोशिश के दौरान 34 लोगों की मौत

बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोप जाने की कोशिश कर रहे हजारों अफ्रीकी प्रवासियों के लिए स्पेन की सीमा पर हालात बेहद दर्दनाक साबित हुए। अफ्रीका से लगे स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा में बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान मची अफरा-तफरी ने भयावह रूप ले लिया। भगदड़, दम घुटने और समुद्र में डूबने जैसी घटनाओं में कम से कम 34 प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। इस घटना ने एक बार फिर यूरोप में अवैध प्रवास और सीमा सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

हजारों लोगों ने पार करने की कोशिश की सीमा
रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार सुबह हजारों प्रवासी एक साथ स्यूटा की ओर बढ़े। सीमा पर पहले से मौजूद सुरक्षा बलों और ऊंची सुरक्षा बाड़ के कारण संकरे रास्तों में भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और हालात बेकाबू हो गए। कई लोगों की मौत भीड़ में दबने से हुई, जबकि कई प्रवासी समुद्र के रास्ते सीमा पार करने की कोशिश में डूब गए। स्पेन और मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों के बीच हालात संभालने के दौरान दोनों देशों के 100 से अधिक जवान भी घायल बताए जा रहे हैं।

24 घंटे में स्यूटा पहुंचे करीब 60 हजार प्रवासी
स्पेन सरकार के अनुसार, केवल एक दिन के भीतर लगभग 60 हजार लोगों ने मोरक्को की ओर से स्यूटा में प्रवेश करने की कोशिश की। इनमें कई लोग समुद्र में तैरकर पहुंचे, जबकि कुछ पैदल सीमा तक आए। यह संख्या स्यूटा की कुल आबादी के बड़े हिस्से के बराबर मानी जा रही है, जिससे प्रशासन पर अचानक भारी दबाव बन गया।

स्यूटा ही क्यों बनता है यूरोप का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार?
स्यूटा भौगोलिक रूप से अफ्रीका में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक रूप से यह स्पेन और यूरोपीय संघ का हिस्सा है। यही वजह है कि जो व्यक्ति स्यूटा की सीमा में प्रवेश कर लेता है, वह कानूनी रूप से यूरोप की सीमा में पहुंच जाता है।

अफ्रीका और एशिया के कई देशों से आने वाले प्रवासी इस रास्ते को अपेक्षाकृत छोटा और आसान मानते हैं। हालांकि यहां ऊंची सुरक्षा बाड़, कड़ी निगरानी और समुद्री जोखिम के कारण यह मार्ग बेहद खतरनाक भी माना जाता है।

गरीबी, संघर्ष बना रही है पलायन की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों में गरीबी, बेरोजगारी, राजनीतिक अस्थिरता, गृहयुद्ध और भुखमरी जैसी समस्याएं लगातार लोगों को पलायन के लिए मजबूर कर रही हैं। ऐसे में यूरोप रोजगार, सुरक्षा और बेहतर जीवन का प्रतीक बन गया है। कई परिवार अपनी पूरी जमा-पूंजी खर्च कर मानव तस्करों के जरिए स्पेन पहुंचने की कोशिश करते हैं।

अदालत के फैसले के बाद बढ़ा समुद्री रास्ते का इस्तेमाल
हाल के महीनों में स्पेन की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक फैसले ने भी स्थिति को प्रभावित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचने वाले लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। इसके बाद मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क ने इस जानकारी का व्यापक प्रचार किया और अधिक लोगों को समुद्री रास्ते से स्यूटा पहुंचने के लिए प्रेरित किया। विश्लेषकों का मानना है कि इसी बदलाव के कारण समुद्र के रास्ते सीमा पार करने वालों की संख्या में अचानक तेजी आई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई दर्दनाक आपबीती
घटना से बच निकले कई लोगों ने भयावह हालात का वर्णन किया। कुछ प्रवासियों ने बताया कि सीमा तक पहुंचने के लिए उन्हें कई किलोमीटर तक पहाड़ी इलाकों से पैदल सफर करना पड़ा। समुद्र में उतरने के बाद तेज लहरों और भारी भीड़ के कारण कई लोग लापता हो गए।

एक प्रवासी ने बताया कि उसने अपनी आंखों के सामने कई लोगों को पानी में डूबते देखा। अपने परिवार की याद आने पर उसने आगे बढ़ने की बजाय वापस लौटने का फैसला किया। वहीं अन्य लोगों का कहना है कि जैसे ही यह खबर फैली कि कुछ लोग स्यूटा पहुंच गए हैं, हजारों अन्य लोग भी उसी रास्ते पर निकल पड़े।

स्पेन ने बढ़ाई सीमा सुरक्षा
घटना के बाद स्पेन सरकार ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है। अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, समुद्री गश्त, हेलीकॉप्टर निगरानी और विशेष बचाव दलों को सक्रिय किया गया है। समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यूरोपीय संघ ने भी इस संकट से निपटने के लिए स्पेन को सहयोग देने की बात कही है।

स्यूटा को लेकर विवाद
स्यूटा और मेलिला लंबे समय से स्पेन और मोरक्को के बीच विवाद का विषय रहे हैं। मोरक्को इन दोनों शहरों पर अपना दावा करता है, जबकि स्पेन इन्हें अपने संप्रभु क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा मानता है। रणनीतिक दृष्टि से भी स्यूटा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और भूमध्य सागर तथा अटलांटिक महासागर के बीच होने वाले समुद्री यातायात पर नजर रखने के लिए अहम माना जाता है।

बढ़ता प्रवासी संकट बना वैश्विक चुनौती
स्यूटा में हुई यह त्रासदी सीमा दुर्घटना होने के साथ दुनिया भर में बढ़ते प्रवासी संकट की गंभीर तस्वीर पेश करती है। जब तक गरीबी, युद्ध, बेरोजगारी और अस्थिरता जैसी मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक लोग बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे। फिलहाल स्पेन और यूरोपीय संघ के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानवीय सहायता, सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवास के बीच संतुलन बनाए रखने की है।

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