• info@thevaarta.com

दिल्ली में प्रदूषण पर ‘महा-एक्शन Plan’, क्या 1 नवंबर से फिर बंद हो जाएंगे दफ्तर और गाड़ियां? जानें CM रेखा गुप्ता का नया फरमान!

दिल्ली में प्रदूषण पर ‘महा-एक्शन Plan’, क्या 1 नवंबर से फिर बंद हो जाएंगे दफ्तर और गाड़ियां? जानें CM रेखा गुप्ता का नया फरमान!

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली को हर साल सर्दियों में अपनी आगोश में लेने वाले जानलेवा ‘जहरीले स्मॉग’ से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद सख्त कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने बुधवार को एक व्यापक और ‘स्थायी विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान’ की अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। पर्यावरण और वन विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अब हर साल प्रदूषण से निपटने के लिए अलग से नए आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होगी। यह नया परमानेंट ढांचा हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अपने आप पूरे राज्य में लागू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस महा-योजना की घोषणा करते हुए साफ किया कि सरकार ने पिछले कई सालों के अनुभवों और एयर क्वालिटी डेटा (AQI) का गहरा अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 से 2026 के बीच नवंबर से फरवरी के दौरान दिल्ली का औसत AQI 312 से 342 के बीच दर्ज किया गया था, जबकि गंभीर दिनों में यह आंकड़ा 461 से 494 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। इसी को देखते हुए अब एक स्थाई और कड़ा सिस्टम तैयार किया गया है, ताकि सभी संबंधित विभाग और आम नागरिक पहले से तैयार रहें।

गाड़ियों के लिए कड़े नियम: बिना PUC नहीं मिलेगा तेल
विंटर एक्शन प्लान के तहत मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG पंपों पर केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाण पत्र होगा। यह नियम केवल सर्दियों में नहीं, बल्कि साल के बारह महीने लागू रहेगा। इसकी चेकिंग के लिए डिजिटल कैमरों (NPR), वाहन डेटाबेस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मदद ली जाएगी।

इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच दिल्ली के बाहर पंजीकृत (Registered) ऐसे सभी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा जो BS-VI (बीएस-6) मानकों से नीचे के हैं। हालांकि, सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपातकालीन गाड़ियों को इस पाबंदी से छूट मिलेगी।

बदलेगा दफ्तरों का समय, 50% कर्मचारी करेंगे Work From Home
सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में भी बड़ा बदलाव किया है। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बीच संचालित होंगे। इतना ही नहीं, 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच सरकारी और निजी दोनों तरह के दफ्तरों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही दफ्तर बुलाया जा सकेगा, बाकी 50 फीसदी स्टाफ ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) करेगा। हालांकि, अस्पताल, बिजली, पानी, सफाई और आपदा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। इसके साथ ही, निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए दिल्ली में पार्किंग शुल्क को दोगुना कर दिया गया है, मगर DMRC की पार्किंग पर यह बढ़ा हुआ शुल्क लागू नहीं होगा।

निर्माण कार्यों और कूड़ा जलाने पर सख्त पाबंदी: ड्रोन से होगी निगरानी
सर्दियों में धूल के गुबार को रोकने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक सभी तरह के खुले निर्माण और तोड़फोड़ (Demolition) के कामों पर रोक रहेगी। सबसे संवेदनशील दौर यानी 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच पाबंदियां और सख्त होंगी, जब केवल बेहद जरूरी सरकारी प्रोजेक्ट्स को ही छूट मिलेगी और निर्माण सामग्री लाने वाले ट्रकों की एंट्री बंद रहेगी। साथ ही, 3,000 वर्ग मीटर से बड़े सभी कमर्शियल भवनों (मॉल, होटल, जी+5 इमारतें) में 15 अगस्त तक एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

ओपन बर्निंग (कचरा और सूखी पत्तियां जलाना) को रोकने के लिए सरकार ने पहली बार व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ-साथ सोसायटियों और आरडब्ल्यूए (RWA) की संस्थागत जवाबदेही तय की है। लापरवाही मिलने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत भारी जुर्माना लगेगा। नियमों के उल्लंघन को पकड़ने के लिए रात के समय विशेष रूप से ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

Leave a Reply